इस जानकारी पर अपर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश देने के साथ डीएसओ से जवाब तलब किया है।
नगर पालिका परिषद नवाबगंज के कोटेदारों को एपीएल कार्डधारकों में वितरण के लिए अगस्त माह में 4460 क्विंटल, नगर पंचायत फतेहपुर को 954 क्विंटल, देवा को 456, सिद्घौर को 554, रामनगर को 394, हैदरगढ़ को 1012, दरियाबाद को 684, टिकैतनगर को 256 और सतरिख नगर पंचायत को 1178 क्विंटल गेहूं दिया गया।
विपणन विभाग का कहना है कि करीब दस हजार क्विंटल गेहूं का उठान कोटेदारों ने अगस्त माह में ब्लॉकों के गोदामों से किया। इसका वितरण सितंबर में किया जाना था लेकिन किसी भी नगर पंचायत के एपीएल कार्डधारकों में वितरित नहीं किया गया।
विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कोटेदारों ने इस गेहूं को खुलेबाजार में बेच दिया। एपीएल कार्डधारक राकेश, पप्पू, विनोद, राबिया बेगम, महादेव प्रसाद, केशव आदि का आरोप है कि कोटेदारों ने उन्हें गेहूं नहीं दिया। उस गेहूं को खुलेबाजार में बेच दिया है।