फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Barabanki News: अस्ताचल गामी सूर्य को श्रद्धा से आस्था का नमन

Tue, 28 Oct 2025 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। आसमान में छाए हल्के बादल, हल्की बूंदाबांदी के बीच श्रद्धालुओं से पटे घाट.., सुशोभिता (वेदी) को पूजती सोलह शृंगार से सजी सुहागिनें, मौसमी सब्जियों व फलों से भरा सूप व दउरा, दीपों व गन्ने की ढेर से सुशोभित वेदियां.. ऐसा मनोरम नजारा छठ महापर्व पर सोमवार शाम नागेश्वरनाथ तालाब पर दिखाई दिया। चिलहटा घाट, बंकी, सोमैयानगर, पीएसी ग्राउंड, आलापुर, आवास विकास समेत सभी पूजा स्थलों पर आस्था परंपरा और उल्लास की त्रिवेणी बह उठी।
विज्ञापन

पूजा के लिए सभी परिवार के साथ एकत्र थे। शाम को पांच बजते-बजते महिलाएं कोसी हाथों में लिए घुटनों तक पानी में उतर चुकी थीं। सभी की निगाहें सूरज देवता की ओर टिकी थी। सूर्य के दर्शन नहीं हुए लेकिन सूर्यास्त का समय होते ही हर तरफ से जयकारे, शंखनाद और मंत्रोच्चार की ध्वनि गूंज उठी। व्रती महिलाओं ने भगवान सूर्य के सामने आंचल फैलाकर आशीष मांगा।
नागेश्वरनाथ तालाब पर छठ की छटा इस कदर छाई कि माहौल मेला सरीखा दिखाई दिया। तालाब के तीन ओर की सभी सीढि़यां श्रद्धालुओं से भरी थी। पूजा के दौरान जल में प्रवाहित दीपों से मनमोहक छटा बिखर गई। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने कोसी भरी तो कई लोगों ने दंडवत प्रणाम कर पूजा-अर्चना की। पूजा करने आई महिलाओं ने करिहा क्षमा छठि मइया भूल चूक गलती हमार.. कबहुं न छूटी छठी मइया, हमनी से बरत तोहार.. आदि गीत गाए। रेठ नदी के चिलहटा घाट, आलापुर घाट, सोमैया नगर, बंकी, आवास विकास समेत सभी पूजा स्थलों पर उत्सव सरीखा माहौल दिखाई दिया।
विज्ञापन


दोपहर बाद तीन बजे से ही जुटने लगे थे लोग
पूजा स्थलों पर दोपहर तीन बजे ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। हालांकि सूर्य अस्त होने में काफी समय था लेकिन भीड़ के चलते साढ़े चार बजे ही महिलाएं हाथों में नारियल, धूप, दीप व डाला लिए घुटने तक पानी में उतर चुकी थीं। इसके बाद सूर्यास्त का समय आने लगा महिलाओं की संख्या बढ़ने लगी।

अर्घ्य के बाद ली सेल्फी
लाल-पीली साड़ियों से सुसज्जित महिलाओं ने मांग से नाक तक सिंदूर लगाकर सिंदूरी छटा बिखेर दी। घुटने तक पानी में उतरे परिवार के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं था। पहले अर्घ्य देकर पूजा की। इसके बाद सिंदूर लगाकर सेल्फी ली। एक-दूसरे को वीडियो कॉल करके दूर बैठे अपनों को छठ पूजा ऑनलाइन दर्शन कराया। छठ मइया के पूजन में सभी रंगे और रमे दिखाई दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें