लैब टेक्नीशियन व डिप्लोमा फार्मेसिस्ट के कार्य बहिष्कार के कारण दूसरे दिन जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा चौपट हो गई। दूर दराज से आए मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। सैकड़ों मरीजों को बिना जांच और दवाई के लौटना पड़ा।
जो मरीज गंभीर थे उन्होंने बाहर से जांच कराई और दवा खरीदी। करीब ढाई घंटे के बाद कर्मचारी काम पर लौटे लेकिन तब तक ओपीडी मरीजों की संख्या आधी हो चुकी थी।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर यूपी लैब टेक्नीशियन और डिप्लोमा फ ार्मेसिस्ट एसोसिएशन के कर्मचारियों ने शनिवार को दूसरे दिन भी दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद जब मरीज दवा काउंटर पर पहुंचे तो वह बंद मिला।
इसी तरह जिन मरीजों को खून की जांच लिखी थी, उनका भी सैंपल नहीं लिया गया। सुबह 8 से 10 बजे तक मरीजों का एक भी टेस्ट नहीं हुआ। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजाराम रावत ने बताया कि मांगें पूरी न होने पर 20 सितंबर से अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि मांगों का ज्ञापन सीएमओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया है। डिप्लोमा फ ार्मेसिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष व प्रांतीय संगठन मंत्री आरपी सिंह विसेन के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय में एक बैठक कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि मांगों को लेकर फार्मासिस्ट व एलटी कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी दो घंटे कार्य बहिष्कार किया है। शनिवार को छुट्टी होने के बाद भी पूरे दिन लैब में कार्य किया गया। बाद में कर्मचारियों ने मेहनत कर कार्य का बैकअप कर लिया। 193 मरीजों के सैंपल टेस्ट के लिए लिए गए।