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पीएचसी पर मरीजोें को नहीं मिलतीं सुविधाएं

Thu, 17 Mar 2016 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बंद अस्‍पताल का दृश्‍य - फोटो : अमर उजाला
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ग्रामीण क्षेत्र में करोड़ों की लागत से पीएचसी भवन तो बना दिए गए, लेकिन वर्षों बाद भी मरीजों के इलाज के लिए सुुविधाएं नहीं हैं। डॉक्टरों की तैनाती के बाद भी मरीजों को इलाज के लिए कस्बों में झोलाछाप की ओर दौड़ना सिस्टम का फेल्योर होना ही दर्शाता है।
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चिकित्सक व कर्मचारी सप्ताह में दो-चार दिन राजधानी से आवागमन कर केंद्र पर अपनी मौजूदगी दर्शा देते हैं। इनके  सुबह दस से दोपहर दो बजे तक अन्यत्र ड्यूटी होने का बहाना वार्ड बॉय व फार्मासिस्ट बना देते हैं।                                   

दो वर्षों में भर्ती नहीं हुए एक भी मरीज
बाराबंकी मार्ग के समीप फतेहपुर पीएचसी बदहाल अवस्था में है। गत कई वर्षो से तैनाती के बाद भी चिकित्सक के नहीं आने की कमी तो बेहटा पीएचसी से आई आयुष डॉ. प्रियंका मौर्या ने दूर कर दी है लेकिन केंद्र पर मरीजों की सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। चार बिस्तर का वार्ड लेकिन टायलेट सभी के दरवाजे गायब हैं तथा गंदगी भरी पड़ी है।
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बीते दो वर्षो में केंद्र पर एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया। प्रसव समेत जच्चा बच्चा के इलाज की कोई सुविधा नहीं होने से लाखों की लागत से बना भवन बेकार पड़ा है। एएनएम व सफाईकर्मी की तैनाती नहीं होने से कठिनाई हो रही है। डॉ. प्रियंका ने कहा मरीजों की संख्या को बढाने का प्रयास किया जा रहा है।

बंद रहता है एएनएम सेंटर, ठप है पेयजल आपूर्ति
बेहटा पीएचसी के समीप बीते वर्ष फरवरी में तत्कालीन डीएम के बारह घंटे के प्रवास के बाद भी केंद्र पर मरीजों की सुविधा में कोई सुधार नहीं हुआ है। केंद्र पर एएनएम व सफाई कर्मी की तैनाती नहीं होने से लाखों की लागत से बने भवन में अब तक दवा वितरण कक्ष ही बना है।

केंद्र पर अधिकारियों की स्वीकृति पर एक वर्ष पहले सफाई आदि के लिए तैनात रामराज को अब तक एक भी रुपये मानदेय नहीं मिला है। एएनएम सेंटर हमेशा बंद रहता है तथा केंद्र पर भी एएनएम की तैनाती नहीं है, जिससे प्रसव टीकाकरण आदि के लिए मरीजों को परेशानी होती है। केंद्र पर ट्रांसफार्मर नहीं होने से बिजली अक्सर बाधित रहती है।

 सहावर पीएचसी पर भी लटका रहता ताला
 वर्ष 2007 में मरीजों की सुविधा के लिए सहावर पीएचसी का निर्माण हुआ था। तैनाती के बाद भी केंद्र से अक्सर लापता रहने वाले डॉ. पीके सिंह का स्थानांतरण होने के बाद से केंद्र पर ताला लटका रहता है। केंद्र पर तैनाती दर्शा कर भारी भरकम वेतन ले रहे फार्मासिस्ट किशोर कुमार व वार्ड बॉय अंकित केंद्र पर कम ही पहुंचते हैं।

बीते वर्ष जून में पूरे बघेल के मो. सलीम, विनोद कुमार, राम मिलन, मन्नू व सहावर के किशुन के शिकायत करने पर बचाव में उतरे त्रिवेदीगंज के अधिकारियों ने एक दिन पहले चिकित्सक के सीएचसी त्रिवेदीगंज में इमरजेंसी सेवा में होने की बात कह कर कर्मचारियों को कार्रवाई से बचा लिया था, लेकिन उनके कार्यों में कोई सुधार नहीं करा सके।

पीएचसी पर यदि डॉक्टर नहीं आ रहे हैं तो उनकी मौजूदगी सुनिश्चित कराई जाएगी। अभी नया चार्ज मिला है, निरीक्षण कार्य शुरू कर दिया है। गायब रहने वाले चिकित्सकों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही कार्यप्रणाली में सुधार होगा। - मनोज कुमार गुप्ता, एमआईओसी
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