बाराबंकी। जिला अस्पताल की ओपीडी में परचा बनवाने में मरीजों को पसीना छूट रहा है। घंटों लाइन में लगने के बाद मरीजों के परचे बन रहे हैं। पूर्व में काम करने वाले निजी कर्मियों को हटाकर यहां पर अस्पताल के अप्रशिक्षितों को लगा दिया गया है। जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में ऑनलाइन परचा बनाने के लिए तत्कालीन सीएमएस बृजेश कुमार ने छह निजी कर्मियों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन योजना के तहत रखा था। इनको कंप्यूटर की जानकारी होने से मरीजों के परचे आसानी से बन जाते थे। कुछ दिन पूर्व इनको निजी कर्मी बताकर हटा दिया गया है। यहां पर अस्पताल में ही काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी के उन कर्मियों को लगा दिया गया है जिन्हें कंप्यूटर चलाने का ज्ञान नहीं है। जिससे मरीजों को परचा बनवाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों मौसम में आए बदलाव से मरीजों की भीड़ बढ़ी है। ओपीडी में प्रतिदिन 1,500 से 2,000 मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन इनका आधे से ज्यादा समय परचा बनवाने में ही निकल जाता है।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य का कहना है कि नया पंजीकरण कक्ष शुरू होते ही समस्या दूर हो जाएगी। इसे लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बाक्स
फोटो: 24
मौसम बदला तो बढ़े सांस के मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1,658 मरीज देखे गए। इनमें सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा सांस रोग के मरीजों की संख्या ज्यादा रही। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम में आए बदलाव की वजह से सांस रोग के मरीज भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। सभी को इलाज मिले इसका पूरा प्रयास किया जाता है।