हैदरगढ़। स्थानीय बस स्टेशन से जिला मुख्यालय तक संचालित होने वाली रोडवेज की अनुबंधित बसों के संचालन में मनमानी थमने का नाम नहीं रही। बाराबंकी डिपो की एआरएम का निर्देश भी बस चालकों व परिचालकों के लिए कोई मायने नहीं रखता है। वह बसों का संचालन व ठहराव मनमानी तरह से कर रास्ते में कहीं भी बस रोक देते हैं। इससे सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी उठाना पड़ती है।
सबसे ज्यादा समस्या शाम को पांच बजे के बाद होती है। हैदरगढ़ बस स्टेशन से जिला मुख्यालय के लिए बस शाम छह बजे व दूसरी साढ़े सात बजे निर्धारित है। अक्सर साप्ताहिक अवकाश या फिर किसी त्योहार के अवकाश को कारण बताकर शाम साढ़े सात बजे वाली बस सेवा बिना किसी निर्देश निरस्त कर दी जाती है।
रविवार 14 सितंबर की शाम को भी यही हुआ। न छह बजे वाली बस जिला मुख्यालय गई और न ही साढ़े सात बजे वाली। इसकी कोई सूचना बस स्टेशन पर न होने से यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद डग्गामार वाहनों की मदद से गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। हैदरगढ़ से दतौली, नैपुरा, नईसड़क, रसूलपुर, मीरापुर, कैसरगंज, कोठी, भानमऊ, हरख व जिला मुख्यालय के तमाम लोग शाम वाली बस सेवा से सफर करते हैं।
नियमित यात्री राजेश कुमार, अरुण कुमार, जगदीश, रमेश व शिव शंकर ने बताया कि उन्हें अक्सर तहसील व ब्लॉक से निकलकर जिला मुख्यालय जाना होता है। पांच बजे का समय आफिस से छूटने का है, लेकिन बस स्टेशन पर पहुंच पाना मुश्किल होता है। ऐसे में छह बजे अथवा साढ़े सात बजे वाली बस सेवा अचानक निरस्त हो जाने से काफी परेशानी उठाना पडती है। बाराबंकी डिपो की एआरएम जमीला खातून ने बताया कि इस मामले में संबंधित बसों के चालक-परिचालक से जवाब तलब के बाद कार्रवाई तय होगी।