बाराबंकी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा, सपा और बसपा किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीतकर आए हैं। ऐसी स्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय नेहा आनंद उम्मीदवारी पेश कर रही हैं। उन्होंने अभी से इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है और निर्दलीय उम्मीदवारों से समर्थन के लिए संपर्क भी साधना शुरू कर दिया है।
त्रिवेदीगंज तृतीय से निर्दलीय चुनाव जीतने वाली नेहा आनंद उत्साह से पूरी तरह से लबरेज हैं। कहती हैं कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में काफी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीतकर आए हैं। जिले की जनता ने साफ संकेत दे दिया है कि उसका दलों से विश्वास उठ गया है। यदि जनता का दलों पर विश्वास होता तो वह पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को वोट करती। इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
इसके लिए सभी निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क भी किया जा रहा है। जिला पंचायत में खरीद फरोख्त के सवाल पर कहती हैं कि इस तरह के हथकंडे अपना कर जो अध्यक्ष बनता है वह अपने कार्यकर्ताओं का तो भला कर सकता है मगर क्षेत्र का विकास नहीं कर सकता। यही वजह है कि इस तरह की राजनीति में वह विश्वास नहीं रखती। जनता ने जिस उम्मीद से हमें चुना है उसकी उम्मीदों पर खरा उतरने का यही एक रास्ता है। तभी वह क्षेत्र का विकास करने में सफल हो सकेंगी।
30 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने दर्ज की है जीत
जिले में जिला पंचायत सदस्य की 57 सीटें हैं। सत्तारुढ़ भाजपा और विपक्षी सपा व बसपा ने पूरे दमखम के साथ अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे। लेकिन जब चुनाव परिणाम आया तो भाजपा को 11, सपा के उम्मीदवार 13 और बसपा के खाते में चार सीटें गई हैं। इसके अलावा 30 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया है। अब संभावित दावेदारों की निगाहें निर्दलीय उम्मीदवारों पर टिक गई हैं।
ये भी होंगे अध्यक्ष पद के दावेदार
संभावित दावेदारों में सपा के पूर्व सांसद रामसागर रावत, भाजपा के शशांक कुशमेश की पत्नी नीतू सिंह, पूर्व विधायक राजरानी रावत आदि ने अपनी गोटें बिछानी शुुरू कर दी है। संभावित दावेदारों ने निर्दलियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वहीं निर्दलीय नेहा आनंद के रूप में अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने की रणनीति बनाने में लगे हुए हैं।