बाराबंकी। पंचायत चुनाव में डीडीसी के जनादेश में जो ट्रेंड सामने आया है वह बरकरार रहा तो 2022 में विधायकों की राह आसान नहीं होगी। भाजपा विधायकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनाधार वापस लाना होगा तो सपा को मनोवैज्ञानिक लाभ जरूर मिलेगा। किंतु इसके लिए पार्टियों को जनाधार बढ़ाना और टिकट में व्यक्ति का महत्व सबसे ज्यादा देखना होगा।
57 में 30 पर निर्दलीय जीते हैं, जिनमें करीब 10 बागी हैं। जिले की 6 विधानसभा सीटों पर कोई भी विधायक अपने क्षेत्र से पार्टी को बढ़त दिलाना तो दूर अध्यक्ष बनवाने के लिए पर्याप्त सदस्य भी नहीं जिता पाए हैं। सपा और भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार कई जगह लड़ाई से बाहर रहे। यही कारण था कि दोनों प्रमुख दलों को जो वोट मिला है उससे विधानसभा की नइया पार होते नहीं दिखती।
जिले की 6 विधानसभा सीटों में चार पर भाजपा और दो पर सपा का विधायक है। सम्पन्न हुए पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पर सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने अपने अधिकृत उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। भाजपा 12 और सपा 13 सीटों पर अधिकृत उम्मीदवारों को जीतने के साथ ही कई बागियों को अपना बताकर अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने का दावा कर रही है। किंतु नतीजों में जो जनादेश सामने आया है। उसमें कोई भी विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्र से आधे सदस्य भी नहीं जिता सका है।
जिस तरह चार साल की सत्ता और क्षेत्र में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच भाजपा के सभी विधायक चारों खाने चित ही नजर आए हैं। सपा के भी दो विधायक अपने क्षेत्र में कोई चमत्कार नहीं कर पाए हैं। इनके यहां अधिकृत से ज्यादा निर्दलीय और बागियों का बोलबाला रहा है। आने वाले विधानसभा चुनाव में पंचायत चुनाव के परिणाम का ट्रेंड बरकरार रहा तो इन सबकी मंजिल आसान नहीं होगी। हालांकि भाजपा की शिकस्त से सपा को मनोवैज्ञानिक लाभ जरूर मिलेगा।
विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहा जाने वाला पंचायत चुनाव परिणाम विधायकों के लिए जहां खतरे की घंटी है। पार्टी हाईकमान इन्हीं चुनाव परिणामों की समीक्षा के बाद टिकट देने पर विचार करेगी। क्योंकि इन पार्टियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खोया जनाधार कैसे बढ़ाया जाए यह सबसे अहम विषय होगा।
एक जिम्मेदार पद पर बैठे नेता ने कहा कि कोरोना ने भारी नुकसान किया है। आज की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है पर धीरे-धीरे इसमें सुधार लाया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषक अजय गुरु जी बताते हैं कि पंचायत चुनाव ने पार्टी से ज्यादा विधायकों को सबक सिखाया है। यही कार्यशैैली रही तो और दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। समय नहीं है सचेत हो जाएं वरना धराशायी हो जाएंगे।
विधानसभा क्षेत्र में दलीय स्थिति-
कुर्सी- भाजपा-तीन, सपा-चार
रामनगर- भाजपा-तीन, सपा-दो
दरियाबाद- भाजपा-दो, सपा-दो
हैदरगढ़- भाजपा-दो, सपा- दो
जैदपुर- भाजपा-एक, सपा-एक, बसपा-एक
सदर- भाजपा-एक, सपा-एक, बसपा-एक
नोट : अन्य सीटों पर निर्दलीय और बागियों ने जीत दर्ज की है।