बाराबंकी। दिव्यांग, बीमार, गर्भवती व दम्पति कार्मिक के साथ दो-दो ब्लॉकों में लगी ड्यूटी लगने वाले कार्मिक दो चुनाव ड्यूटी कटवाने को लेकर प्रार्थना पत्र तो दे ही रहे हैं। मगर, इस बार मृतक, रिटायर्ड व दूसरे जिलों में तबादले पर गए करीब सौ कर्मचारियों की मतदान में ड्यूटी लगा दी गई। यह हाल तब है जब निर्वाचन ड्यूटी को लेकर करीब 24 हजार कर्मचारियों की फीडिंग एनआईसी की बेवसाइट पर है। इसमें से साढ़े 17 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
जिले में 26 अप्रैल को 3884 बूथ पर चुनाव होगा। ऐसे में चार सदस्य वाली 3884 वाली पोलिंग पार्टी के लिए 15536 कार्मिकों की जरूरत है। इसके सापेक्ष दस प्रतिशत अधिक 4278 पोलिंग पार्टियों के लिए 17172 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें से तीन दिनों में बुधवार को चार सौ, गुरुवार को सात सौ व शुक्रवार को करीब दो सौ आवेदन ड्यूटी कटवाने के डीआरडीए में रखे शिकायत पेटिंग में आ चुके हैं। इसमें बीमारी, दिव्यांग, गर्भवती व दम्पति कार्मिकों की संख्या सबसे अधिक है।
आवेदन पत्रों का गठित टीम द्वारा परीक्षण करने के बाद उनकी फीड़िंग का काम किया जा रहा है। इतना ही नहीं चुनाव में मृतक, सेवानिवृत्त व दूसरे जनपदों में तबादले पर जा चुके करीब सौ कार्मिकों को चुनाव में लगाया है। इसको लेकर कार्मिकों में चर्चा रही कि पुलिस कार्मिकों को बचाने को लेकर एनआईसी से जहां महिला कार्मिकों की अधिक ड्यूटी लगाई गई। वहीं सॉफ्टवेयर में नियमों की अनदेखी कर एनआईसी के कर्मचारियों ने ड्यूटी लगाने में खेल किया है।
मतदान ड्यूटी कटवाने को लेकर जो आवेदन आ रहे हैं। उसकी गठित कमेटी द्वारा जांच कराई जा रही है। वास्तविक समस्या होने पर संबंधित कार्मिक की ड्यूटी काट दी जाएगी। जो मृतक व रिटायर्ड कार्मिक लग गए हैं। विभागों से रिपोर्ट लेकर उनकी ड्यूटी हटा दी जाएगी।
-एकता सिंह, सीडीओ