बाराबंकी। पंचायत चुनाव में मतदान कार्मिकों की ड्यूटी लगाने में हुई नियमों की अनदेखी अब गले की फांस बन रही है। गर्भवती व प्रसूति अवकाश पर रहने वाली महिला कार्मिकों व पति-पत्नी दोनों की चुनाव ड्यूटी लगने से यह हालत पैदा हो गए हैं। इसको लेकर जहां ड्यूटी कटाने के साक्ष्य समेत प्रार्थना पत्र लेकर महिला कार्मिक अपने अभिभावक व बच्चों के साथ अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। वहीं महिला शिक्षक संघ की पदाधिकारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी मांग रखी।
चुनाव ड्यूटी लगाने में इस बार नियम-कानून किनारे रह गए। जूनियर पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारी तो सीनियर द्वितीय व तृतीय मतदान अधिकारी तक बना दिए गए। इतना ही नहीं राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बावजूद पति व पत्नी दोनों की ड्यूटी लगा दी गई है। गर्भवती व प्रसूति अवकाश वाली महिला कर्मियों की ड्यूटी दूरस्थ ब्लॉकों में लगाई गई है।
हद तो तब पार हो गई जब बंकी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय संदौली उमरपुर की शिक्षिका किरन पाण्डेय की ड्यूटी सिरौलीगौसपुर व रामनगर ब्लॉक में लगा दी गई। इसको लेकर गुरुवार को प्रशिक्षण में शिक्षिका अपनी शिकायत करने पहुंची तो उसे डीआरडीए के गांधी सभागार में रखे बक्से में अपनी आपत्ति डालने की सलाह दे दी गई।
गांधी सभागार में सुबह से ही ड्यूटी कटाने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। इसमें दिव्यांग, बच्चों को गोद में लिए महिला शिक्षक थीं तो कई अभिभावक महिला कार्मिकों के आने की असमर्थता के कारण प्रार्थना पत्र लेकर अधिकारियों का इंतजार करते रहे। मगर, ऑडीटोरियम में चल रहे प्रशिक्षण के कारण कोई अधिकारी नहीं आया तो मजबूरन सभी अपने प्रार्थना पत्र यहां पर रखे बॉक्स में डालकर चले गए।
उधर महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अलका गौतम के नेतृत्व में महिला शिक्षक डीएम कार्यालय पहुंचीं। यहां पर गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिला कर्मिक, कार्मिक दंपति होने व छोटे बच्चे होने पर महिला कार्मिक को ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की । उन्होंने कहा कि बीमारी, सिंगल पैरेंटस व बच्चों की बीमारी के कारण उन लोगों को ड्यूटी निरस्त की जाय। इस मौके पर सरोज वर्मा, लक्ष्मी, उर्मिला वर्मा, नीरज, माधुरी, सुमन, संगीता, सविता, ज्योति, अल्का मिश्रा आदि मौजूद रहीं।