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पांच ब्लॉक की प्रमुख की कुर्सी पर होगा महिलाओं का कब्जा

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बाराबंकी। रामनगर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर महिला के साथ सूरतगंज व सिरौलीगौसपुर में पिछड़ा वर्ग महिला और सिद्धौर व त्रिवेदीगंज में अनुसूचित जाति की महिलाओं के हाथ ब्लॉक प्रमुख की बागडोर होगी। इसकी तस्वीर मंगलवार का आरक्षण की अधिकृत सूची जारी होने के बाद साफ हो गई है।
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जिले के 15 ब्लॉकों में जहां पांच पर प्रमुखी की कमान महिलाएं संभालेंगी। वहीं बनीकोडर, पूरेडलई, दरियाबाद, निंदूरा, देवा व बंकी में अनारक्षित हुईं सीटों पर घमासान मचेगा। फतेहपुर व मसौली में पिछड़ा वर्ग तो हैदरगढ़ व हरख में अनुसूचित जाति के प्रमुख होंगे। ऐसे में कई लोगों की ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी आरक्षण ने छीन ली तो कई ब्लॉक प्रमुख बनने का ख्वाब लेकर चुनावी बिसात बिछाने में जुट गए हैं। इसके लिए वह एक नहीं कई-कई क्षेत्र पंचायत सदस्य की सीटों पर स्वयं के साथ परिवारीजनों को उतारने की तैयारी में हैं।
बात अगर आरक्षण की करें तो महिला के लिए आरक्षित की गई रामनगर की प्रमुख की कुर्सी इससे पहले वर्ष 2005 में ओबीसी महिला के हाथ में रही। इसी प्रकार सूरतगंज में वर्ष 2000 में ओबीसी महिला व वर्ष 2010 में महिला के लिए आरक्षित थी। सिरौलीगौसपुर ब्लॉक की प्रमुखी इससे पूर्व वर्ष 2005 में ओबीसी महिला व 2015 में अनुसूचित जाति महिला का कब्जा था। वहीं सिद्धौर ब्लॉक में इससे पहले वर्ष 1995 व 2000 में अनुसूचित जाति की महिला ब्लॉक प्रमुख रही हैं।
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जबकि त्रिवेदीगंज की प्रमुखी पर इससे पहले 1995 में अनुसूचित जाति की महिला का कब्जा था। हालांकि बनीकोडर, पूरे डलई, निंदूरा व दरियाबाद की प्रमुखी लगातार दूसरी बार अनारक्षित हुई है। बंकी ब्लॉक की प्रमुखी 10 वर्ष और देवा ब्लॉक में 20 वर्ष बाद अनारक्षित होने से चुनाव का रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। हैदरगढ़ व हरख की प्रमुखी अनुसूचित जाति की होने के कारण कई दिग्गजों का चुनावी गणित फेल हो गया। हालांकि मसौली व सूरतगंज में भी कुछ नए चेहरे मैदान में आते दिख रहे हैं।
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