सड़कों पर फर्राटा भर रहे ओवरलोड वाहन सड़कों का सीना छलनी कर रहे हैं। भले ही प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने ओवरलोडिंग रोकने के लिए शासन के अफसरों के पेंच कसे हो लेकिन उसका असर कहीं पर नहीं दिखाई पड़ रहा है।
जिले में हर मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की भरमार है। हालांकि एआरटीओ द्वारा बीते छह माह में 950 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ 90 लाख रुपये जुर्माना की कार्रवाई की गई है।
ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से शिकंजा न कसने के चलते जनपद के विभिन्न मार्गों का सबसे ज्यादा नुकसान होता है। किसी भी क्षेत्र में नए मार्ग मरम्मत कर बनाए जाते हैं लेकिन भारी वाहनों के आने-जाने से यह सड़क बहुत कम समय ही चल पाती है।
यही नहीं ओवरलोडिंग के चलते हाईवे पर भी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लेेकिन उसके बावजूद ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के कोई सार्थक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
तीन एआरटीओ व तीन पीटीओ की है तैनाती
ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए जिले में दो एआरटीओ प्रर्वतन, तीन पीटीओ व एक एआरटीओ प्रशासन की तैनाती है। विभाग के पास इस समय 11 सिपाही है और महज एक बंदूक तो है लेकिन कारतूस एक भी नहीं है।
इसके साथ ही विभाग में चेकिंग के लिए सिर्फ एक ही सरकारी वाहन मौजूद है जिससे सड़क पर ओवरलोडिंग के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाने के लिए विभागीय अधिकारियोें व कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
छह माह में 950 वाहनों से 90 लाख का जुर्माना वसूला
विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते छह माह में एआरटीओ प्रवर्तन की टीमों ने जिले मेें चेकिंग अभियान चलाकर करीब 950 ओवरलोड वाहनों पर जुर्माना व चालान करने की कार्रवाई की है।
इन वाहनों से विभाग को करीब 90 लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति भी हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों को चेकिंग के दौरान रोका जाता है और यदि संभव होता है तो मौके पर ही ओवरलोड माल उतरवाया जाता है।
ओवरलोडिंग रोकने के लिए विभाग द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाता है। ओवरलोड वाहन सड़क पर न चलने पाए इस पर पूरी नजर रखी जाती है। -संजय झा, एआरटीओ प्रर्वतन-1
ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता है। विभाग के पास वाहन की कमी व संसाधनों का अभाव है जिससे दिक्कत होती है। उसके बावजूद प्रति माह लक्ष्य से भी अधिक राजस्व की वसूली की जाती है। -उमाशंकर यादव, एआरटीओ प्रर्वतन-2