बाराबंकी। कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई शुरू कराने से पहले कराए गए भौतिक सत्यापन में शुक्रवार को 20 विद्यालयों में कोरोना से बच्चों व शिक्षकों को बचाने के लिए कोई संसाधन उपलब्ध नहीं पाए गए। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी है। कहा है कि पढ़ाई के दौरान कोई शिक्षक व छात्र कोरोना से ग्रसित पाया गया तो उसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि 19 अक्तूबर से विद्यालय खुलेंगे और कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों की पढ़ाई होगी। कोरोना महामारी को देखते हुए माध्यमिक स्कूलों को बचाव के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार को नोडल अधिकारियों ने विद्यालयों का सत्यापन किया तो 20 स्कूल कोविड-19 से बचाव के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शनिवार तक आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।