बाराबंकी। अब जिले के सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा की निगरानी ऑनलाइन होगी। स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल पर स्कूल प्रबंधकों को अपने वाहनों का डाटा दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। पोर्टल पर दर्ज हर वाहन का क्यूआर कोड जारी होगा, जिसे वाहन पर चस्पा किया जाएगा। अभिभावक इसे स्कैन करके वाहन और चालक की पूरी जानकारी देख सकेंगे।
उप परिवहन आयुक्त अयोध्या मंडल राजकुमार सिंह ने बताया कि पोर्टल में वाहनों की संख्या, फिटनेस की तिथि, चालक और अन्य स्टाफ की जानकारी दर्ज करनी होगी। जानकारी अपलोड करने की अंतिम तारीख 15 अप्रैल है। इसके बाद एआरटीओ की नौ टीमों द्वारा स्कूलवार डाटा का सत्यापन किया जाएगा।
जिले में कुल 1201 स्कूल वाहन हैं, जिनमें 584 बसें और 617 वैन शामिल हैं। इनमें से 84 बसें और 153 वैन की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि फिटनेस कराने के बाद ही इनका संचालन किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन का पंजीकरण रद्द कर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई होगी। एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पोर्टल पर जानकारी अपलोड होने के बाद ऑनलाइन मॉनिटरिंग से स्कूल वाहनों की निगरानी और सख्ती बढ़ जाएगी।
तीन सीज और आठ का चालान
अभियान के पहले दिन ही यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए कई स्कूली वाहन चलाते पाए गए। पीटीओ रविचंद्र त्यागी के अभियान में लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर आठ वाहन बिना मानक के पाए गए। इनमें सीसीटीवी और फास्ट एड बॉक्स नहीं थे, चालक बिना लाइसेंस गाड़ी चला रहे थे, सीटबेल्ट नहीं थी और कुछ वाहन का टैक्स बाकी था। इन आठ वाहनों का चालान किया गया। साथ ही, तीन वाहन ऐसे मिले जिनके चालक मोबाइल पर बात कर रहे थे। इन्हें कुर्सी थाना परिसर में सीज कर दिया गया।