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फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी करने वाला शिक्षक गिरफ्तार

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बाराबंकी। फर्जी प्रपत्रों के सहारे सरकारी शिक्षक की नौकरी करने वाले एक आरोपी को सुबेहा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने जुलाई 2020 में केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को बस्ती जिले से गिरफ्तार करने का दावा किया है।
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एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि बीते साल पांच जुलाई 2020 को थाना सुबेहा में खंड शिक्षा अधिकारी हैदरगढ़ द्वारा फर्जी शिक्षक सुरेंद्रनाथ प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय गुलामाबाद के विरुद्ध कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करने के संबंध में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया। एसपी द्वारा कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करने वाले प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी के लिए थानाध्यक्ष सुबेहा के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया था।
इसके तहत सोमवार को थाना सुबेहा पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस एवं मैनुअल इंटेलीजेंस की मदद से आरोपी रामराज विश्वकर्मा (कथित नाम- सुरेंद्रनाथ) निवासी ग्राम बेलसड थाना कप्तानगंज जिला बस्ती, हाल पता- मुड़घाट को कस्बा मुड़घाट बस्ती से गिरफ्तार किया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने के साथ उसे अब जेल भेजने की कार्रवाई करेगी।
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10 साल की नौकरी व प्रमोशन के बाद पकड़ में आया
बेसिक शिक्षा विभाग में दूसरे के प्रतिलिपि प्रमाण-पत्र के सहारे विशिष्ट बीटीसी 2007 के तहत वर्ष 2009 में नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक को वर्ष 2014 में प्रमोशन का लाभ भी मिल गया। मगर, उसके फर्जी होने की विभाग को खबर तक नहीं लगी। इस दौरान शिक्षक ने 50 लाख से अधिक की रकम वेतन के रूप में हासिल ली।
शिकायत मिलने पर जांच हुई तो पता चला कि जिले के हैदरगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गुलामाबाद में तैनात शिक्षक सुरेंद्रनाथ अपने ही विभाग के कुशीनगर जिले के पडरौना ब्लॉक में तैनात बीईओ सुरेंद्र नाथ के प्रतिलिपि प्रमाण-पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहा है। जिस पर तत्कालीन बीएसए ने 15 नवंबर 2019 को उसका वेतन रोक दिया।
डाक से उसके पते पर विभाग ने कई नोटिस भेजे। मगर, वह पता गलत होने की दशा में वापस लौट आई। इसके बाद बीईआ नवाब वर्मा ने पांच जुलाई 2020 को सुबेहा थाने में केस दर्ज कराया। मगर, विभाग की तरह पुलिस ने भी एक साल का वक्त उसकी गिरफ्तारी में लगा दिया।
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