बाराबंकी। जमीन के लालच में अपने बाबा की छह माह पूर्व हत्या कर उनके शव को बक्सेे में भरकर फेंकने के आरोपी पौत्र को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां से वह जेल भेजा गया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने बाबा की गला दबाकर हत्या करने के बाद उनकी गर्दन को बांके से काटकर बक्से में भरा गया था।
एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने पुलिस लाइंस सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गंजरिया मजरे गढ़ी राखमऊ राधेश्याम (58) की बीते साल छह जुलाई को उसके बेटे के पुत्र सहदेव ने हत्या करने के बाद उनके शव को टीन के बक्से में भरकर फेंका था। पुलिस ने रविवार को बक्से से मृतक का कंकाल बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इस मामले में मृतक की पत्नी सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
एसपी ने बताया कि अभियुक्त सहदेव उर्फ लल्लू को पकड़कर उससे पूछताछ की गयी तो महत्वपूर्ण सुराग मिले। जिसकी सहायता से मृतक राधेश्याम का शव नर कंकाल के रूप में पास के तालाब से बक्से में मिला और उसमें मिली पटरेदार अंडरवियर से वादिनी द्वारा शिनाख्त अपने पति राधेश्याम के रूप में की गयी। अभियुक्त सहदेव उर्फ लल्लू पुत्र स्वर्गीय महादेव से पूछताछ व साक्ष्य मिलने के बाद पता चला कि मृतक राधेश्याम के एक बेटा महादेव और तीन लड़कियां थी।
महादेव को वर्ष-2000 में एक पुत्र सहदेव पैदा हुआ लेकिन पुत्र के पैदा होने के लगभग सात दिन बाद ही महादेव का निधन हो गया। महादेव की पत्नी अपने पुत्र सहदेव को लेकर अपने मायके खुसली का पुरवा थाना कोठी चली गयी।
इधर राधेश्याम ने अपनी तीन पुत्रियों का विवाह कर अपने घर से विदा कर दिया तो अब उसका सहारा कोई नहीं था। उसने अपने पौत्र सहदेव जो अपने मामा के यहां रहता था, को लगभग तीन वर्ष पूर्व जब 18 वर्ष का था तो उसे अपने घर ग्राम गंजरिया मजरे गढ़ी राखमऊ ले आये। सहदेव को अपने घर वापस लाने के उपरांत वर्ष-2020 में राधेश्याम ने उसकी शादी करा दी। राधेश्याम के पास लगभग आठ बीघा जमीन थी जिस पर खेती करता था और सहदेव साइकिल से घूम-घूमकर सब्जी बेचता था।
शादी होने के बाद सहदेव ने अपने बाबा राधेश्याम से सारी जमीन उसके नाम करने के लिए कहा तो राधेश्याम ने कहा कि मेरे मरने के बाद जमीन तुम्हारे नाम आ जायेगी। सहदेव को लगा कि बाबा राधेश्याम कही जमीन किसी और को न बेच दें इसलिए 6 जुलाई 2020 को रात में सोते समय सहदेव ने राधेश्याम को गला दबाकर मार दिया और उसके बाद थोड़ी दूर पर पाकड़ के पेड़ के नीचे शव को लाया और फिर घर से जाकर एक टिन वाला बक्सा ले आया।
शव को इस बक्से में भरने पर सिर का हिस्सा बक्से से ज्यादा हो रहा था तो बांके से गर्दन काट दिया और बक्से में भरकर पास के तालाब में फेंक दिया। उस वक्त जुलाई में बरसात होने के कारण तालाब भरा हुआ था। पुलिस ने आरोपी के पास से बांका भी बरामद किया है।