सतरिख में मालिकाना मोहल्ला निवासी प्रसूता की मौत के बाद बिलखते परिवारीजन।
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चिकित्सकों के समय से अस्पताल न पहुंचने का खामियाजा प्रसूता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। परिवारीजनों चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अस्पताल के कर्मचारियों ने अपने बचाव के लिए मामले की सूचना पुलिस को देकर संदिग्ध मौत बता दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सतरिख कस्बे के मोहल्ला मलिकाना निवासी कुर्बान अली पत्नी नाजिया बानो (30) को प्रसव पीड़ा होने पर उसे सीएचसी सतरिख गुरुवार की सुबह करीब पौने आठ बजे ले गया। यहां पर नाइट ड्यूटी कर रहे डॉ. नितीश सिंह ने प्रसूता को हाथ तक नहीं लगाया। परिवारीजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने ड्यूटी पर दूसरे डॉक्टर के आने की बात कहते हुए चले गए।
चिकित्सक के अभाव में प्रसूता की हालत और गंभीर हो गई। पेट में तेज दर्द के साथ आठ बजे प्रसूता ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मौके पर एकत्र लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
मृतका के ससुर कैफ का कहना है कि अगर डॉक्टर समय से आ जाते तो उसके बहू की जान बच सकती थी। अस्पताल में मौजूद वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी आदि ने परिवारीजनों को आक्रोशित होते देख पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुबह से ही अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने में जुटा रहा।
इस बाबत सीएचसी अधीक्षक राजीव दीक्षित से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया। थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अगर शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
प्रसूता को स्कूटर से उसके परिवारीजन करीब दस बजे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अधीक्षक राजीव दीक्षित ने बताया कि प्रसूता के मुंह से झाग निकल रहा था। मामला संदिग्ध होने पर पुलिस को सूचना दी गई थी। परिवारीजनों का आरोप लगत है। पूरा स्टाफ मौजूद था। -डॉ. जेता सिंह, एसीएमओ