जब चुनाव आता है तब भाजपा को मंदिर मुद्दा याद आता है। और चुनाव बीतते ही सब भूल जाते हैं। कुंभ और मंदिर पर पैसा खर्च करने से गरीबों का विकास होने वाला नहीं है। कुंभ में पांच हजार करोड़ रुपये खर्च करने की क्या जरूरत है। पिछली सरकार ने नौ सौ करोड़ में कुंभ का आयोजन किया था। तो आखिर इतना पैसा खर्च करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
यह बात प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री व सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को जैदपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि अगर 24 फरवरी तक प्रदेश सरकार ने मेरी बात नहीं मानी तो प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर हम प्रत्याशी उतारेंगे।
इससे भाजपा को भारी नुकसान होगा। नेता लखनऊ व दिल्ली में बैठकर कानून बनाते हैं लेकिन उनका बच्चा कॉन्वेंट स्कूल में क से कम्प्यूटर और गरीब का बच्चा परिषदीय विद्यालय में क से कबूतर पढ़ता है।
सीएम योगी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वह गोरखपुर मठ के मठाधीश हैं। वह जानते हैं वहां के मठ में ताकत नहीं है। पहले वह गोरखपुर से दिल्ली जाते थे। जब वहां काम नहीं बना तो लखनऊ के मंदिर में पहुंच गये।