शासन द्वारा वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन किए जाने के बाद हुई इस कार्रवाई में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। दो माह से हो रहे वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन की रिपोर्ट में सात हजार मृतक व 12 सौ अपात्रों के खातों में पेंशन की रकम कई महीनों से विभाग द्वारा भेजे जाने का खुलासा हुआ। मामला सामने आने पर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने पंजीकृत पेंशनार्थियों के डाटा में से सात हजार मृतक व 12 सौ अपात्रों का डाटा डिलिट कर पल्ला झाड़ लिया।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन योजना चलाई जा रही है। जिसमें जिले के कुल 79,669 पंजीकृत लाभार्थी को पांच सौ रुपये प्रतिमाह की दर से तिमाही किश्त के रुप में पेंशन की धनराशि उनके खातों में भेजी जा रही थी।
प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन कराए जाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद जिले के समाज कल्याण विभाग ने पंजीकृत 79,669 वृृद्धावस्था के लाभार्थियों के सत्यापन की कार्रवाई शुरू थी। जिसमें अब तक 84 प्रतिशत सत्यापन कार्य के तहत 67 हजार लाभार्थियों का सत्यापन कार्य पूरा हो चुुका है।
विभागीय कर्मचारियों द्वारा किए गए इस सत्यापन में जहां सात हजार लाभार्थी मृत पाए गए। वहीं 12 सौ लाभार्थी अपात्र पाए गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन मृतक व अपात्रों को कई महीनों से पेंशन की रकम उनके खातों में भेजी जा रही थी।
अब भले ही मृतकों के खातों से पेंशन की रकम न निकाली गई हो लेकिन अपात्रों द्वारा इसका आहरण जरूर कर लिया होगा। सत्यापन के बाद विभाग ने सिर्फ इन मृतकों व अपात्रों के डाटा साइड से डिलिट कर दिए जाने की कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लिया है।
शासन ने वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन कराए जाने के निर्देश मिले थे। करीब 84 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। जिसमें सात हजार मृतक व 12 सौ अपात्र लोग पाए गए हैं। इन सभी को डाटा से हटा दिया गया है। - शिल्पी सिंह, प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी।