बाराबंकी। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के लिए डीएम ईशान प्रताप सिंह की ओर से शनिवार रात बुलाई गई बैठक में कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। बैठक को गंभीरता से नहीं लेने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता विद्युत और उपनिदेशक कृषि से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, नगर पालिका के ईओ ने खुद आने के बजाय बाबू को भेज दिया, जबकि एसीएमओ भी डीएम के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण से असंतुष्ट लोगों की संख्या 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस प्रतिशत में कमी लाने और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए डीएम ने रात में समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसके बावजूद अधिशासी अभियंता विद्युत और उपनिदेशक कृषि बैठक में शामिल नहीं हुए। नगर पालिका ईओ की जगह बाबू के पहुंचने और एसीएमओ के सवालों का सही जवाब नहीं दे पाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
समीक्षा में जल जीवन मिशन की स्थिति सबसे खराब मिली। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इस पर डीएम ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता को फटकार लगाई और 31 अक्तूबर तक सभी क्षतिग्रस्त मार्गों को दुरुस्त कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने बताया कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण से असंतुष्ट लोगों की संख्या कम करने के निर्देश सभी तहसीलदारों और खंड विकास अधिकारियों को दिए गए हैं। डीएम ने सभी अधिकारियों को रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।