बाराबंकी। निकायों के लिए अनंतिम आरक्षण जारी होने के बाद छह अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज करानेे का मौका दिया गया है। अब तक वार्डों के लिए चार आपत्तियां आ चुकी हैं। आपत्तिकर्ताओें नेे तीन वार्डों को पिछड़ा वर्ग के लिए व एक वार्ड को महिलाओं के लिए आरक्षित कराने की मांग की है। बृहस्पतिवार तक आपत्तियां लेने के बाद डीएम की देखरेख में इन आपत्तियों का निस्तारण कराया जाएगा। नगर पालिका नवाबगंज के वार्ड संख्या 21 सरावगी को अनारक्षित रखा गया है। यहां की प्रमिला श्रीवास्तव, रीता बाजपेयी, किरण गुप्ता आदि ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि वार्ड में ओबीसी व अनुुसूचित वर्ग की आबादी कम है। पुरुषों एवं महिलाओं की आबादी लगभग बराबर है। इसके बावजूद वार्ड को अनारक्षित रखते हुए महिलाओं को दावेदारी से वंचित रखा जा रहा है। महिलाओं ने वार्ड को महिलाओं के लिए आरक्षित करने की मांग की है। नगर पंचायत सतरिख के वार्ड कायस्थाना प्रथम के विनय कुमार ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका वार्ड 1989 से अनारक्षित है। यहां पिछड़ा वर्ग की आबादी अधिक है। इस वार्ड को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए। नगर पंचायत बेलहरा के वार्ड संख्या आठ मोहारी के निर्वतमान सभासद आदर्श कुमार ने वार्ड को ओबीसी के लिए आरक्षित करने पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, 50 प्रतिशत से अधिक आबादी सामान्य होने के कारण वार्ड को अनारक्षित किया जाना चाहिए। वहीं, नगर पंचायत देवा के वार्ड संख्या दो कचेहरान प्रथम के तुषार जायसवाल ने अनुसूचित वर्ग के लिए सीट आरक्षित करने पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वार्ड में पिछड़ा वर्ग की आबादी सबसे ज्यादा है। एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि
बृहस्पतिवार तक आपत्तियां लेने के बाद नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा।
नगर पंचायत दरियाबाद के जमशीर खान ने स्थानीय निकाय चुनाव निदेशक, लखनऊ को शिकायती पत्र भेज कर नौ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि आजादी के बाद से आज तक एक बार भी नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं की गई है। वर्ष 1995, 2000, 2006 व 2017 में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो चुकी हैं। इस बार भी पिछड़ा वर्ग महिला को आरक्षण दिया गया है। उन्होंने सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित करने की मांग की है।