बाराबंकी। पौष्टिक राइस धान खरीद में बाधा बनने लगा है। इसके न मिलने की वजह से राइस मिल मालिक एग्रीमेंट करने के बाद भी धान की उठान नहीं कर रहे हैं। जिससे खरीदा गया धान क्रय केंद्रों पर डंप होता जा रहा है। खरीदे गए धान की उठान न होने के कारण कई खरीद केंद्रों पर भंडारण का संकट गहराने लगा है। इससे धान की खरीद कभी भी बंद होने की आशंका भी जताई जाने लगी है।
जिले में धान खरीद के लिए 94 क्रय केंद्र खोले गए हैं इनके माध्यम से अब तक 1,48,290 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। इसके बावजूद राइस मिलों द्वारा खरीद केंद्रों से महज 1680 क्विंटल धान की उठान ही हो सकी है। सरकारी धान से तैयार चावल में प्रति क्विंटल एक किलो फोर्टिफाइड चावल मिलाकर एफसीआई को देना है। लेकिन राइस मिलों को फोर्टिफाइड राइस ही नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते ही राइस मिल मालिक सरकारी केंद्रों पर खरीदे गए धान की उठान नहीं कर रहे हैं।
इससे सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदा गया धान डंप होता जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि यदि खरीदे गए धान की उठान जल्द शुरू नहीं हुई तो भंडारण की समस्या के कारण किसी भी समय धान की खरीद बंद हो सकती है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि धान की उठान के लिए लगातार मिल मालिकों से संपर्क किया जा रहा है।
आई स्कैनर मशीनें बनी मुसीबत
धान खरीद का काम इस बार आई स्कैनर मशीनों से हो रही है। लेकिन यह मशीनें किसानों के लिए मुसीबत बन गई हैं। सप्ताह भर दौड़ लगाने के बाद भी आई स्कैन न हो पाने के कारण किसानों को बेचे गए धान का पैसा नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद भी इस परेशानी से छुटकारा दिलवाने को लेकर जिम्मेदार उदासीन बने हैं। किसानों का कहना है कि अगर आई स्कैनर की जगह थंबिंग मशीन का प्रयोग हो तो खरीद कार्य में तेजी आएगी।