पंचायत चुनाव के बाद ग्राम प्रधानों ने गांव के विकास कार्यों में रुचि दिखानी शुरू कर दी। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों द्वारा शपथ लेने के बाद से विकास कार्य तो शुरू करा दिया लेकिन मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ग्राम प्रधानों के खाते में धनराशि स्थानांतरित तो हो गई है, लेकिन शासन से गाइड लाइन नहीं आने से धन निकासी का अभी पेंच फंसा हुआ है।
हरख ब्लॉक की ज्यादातर ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान द्वारा शपथ लेने के बाद से ही विकास कार्य शुरू करा दिया गया। ग्राम प्रधानों ने बाकायदा ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्याओं की सूची बनाई और पहले गांव में जरूरी विकास कार्यों से शुरुआत कर दी। इस कार्य में मजदूर लगाकर, पार्क का सौंदर्यीकरण, तालाब खोदाई, नाला सफाई, हैंपपंप मरम्मतीकरण, स्कूल जाने वाले मार्ग की पटाई आदि जरूरी कार्य करा दिए। लेकिन इस कार्य में लगे मनरेगा मजदूरों की मजदूरी नहीं मिल सकी है। कार्य के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा भी खर्च की गई धनराशि भी नहीं मिल पा रही है।
ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त खातों में शासन से धनराशि तो स्थानांतरित कर दी गई। लेकिन उसको निकाला नहीं जा सकता। क्योंकि शासन से जिले की गाइड लाइन अभी तक नहीं आई है। अधिकारियों ने खाते से धन निकासी पर रोक लगा रखी है। जिससे खाते से धनराशि नहीं निकाली जा सकती है।