बाराबंकी। हर नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित किया जा सके, इसके लिए करीब 38 लाख लोगों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाए जाएंगे। इस अकाउंट पर आप अपने सारे मेडिकल रिकॉर्ड सेव करके रख सकते हैं। मेडिकल रिपोर्ट, दवाओं की पर्चियां, ब्लड ग्रुप की जानकारी, डॉक्टर की जानकारी व ट्रीटमेंट इत्यादि जानकारियां डिजिटली सुरक्षित हो सकेंगी। इससे इलाज की फाइलें साथ लेकर नहीं चलनी पड़ेंगी और पुराना रिकॉर्ड देखकर डॉक्टर बेहतर इलाज मुहैया करा सकेंगे। जिले में अब तक करीब 56 हजार लोगों के आभा कार्ड बन चुुके हैैं।
कोरोना महामारी के बाद लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। समय-समय पर लोग अपनी जांच करा रहे हैं और मामूली बीमारी होने पर भी चिकित्सकों से परामर्श लेते हैं। कई बार अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में स्वास्थ्य रिकॉर्ड साथ न होने पर डॉक्टर शरीर में दवाओं के प्रभाव को समझ नहीं पाते और इससे इंफेक्शन इत्यादि होने का खतरा बना रहता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार नेे हर व्यक्ति के आभा कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसके पीछे लक्ष्य है कि हर व्यक्ति का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित किया जा सके और उसके अनुसार कहीं भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। आभा कार्ड स्वास्थ्य रिकॉर्ड को स्टोर और एक्सेस करने का आसान तरीका है। 14 अंकों वाली इस स्वास्थ्य आईडी को मोबाइल पर ऐप के माध्यम सेे कहीं भी एक्टिव किया जा सकता है। रोगियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच चिकित्सा रिकॉर्ड को संग्रहित करनेे एवं साझा करने में सुविधा मिल सकेगी। आकस्मिक स्थिति व नए स्थानों पर इलाज कराने पर पुराने रिकॉर्ड साथ रखना अनिवार्य नहीं होगा। डीपीएम अमरेश द्विवेदी ने बताया कि आशा बहुओं को घर-घर भेजकर आभा कार्ड बनवाए जा रहे हैं।
ऐसे बना सकते हैं आभा कार्ड
आभा कार्ड को बनवाने के लिए एनडीएमएच हेल्थ रिकॉर्ड्स एप को डाउनलोड कर सकते हैं या फिर आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। इस कार्ड में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय आप अपने आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए इससे जुड़ सकते हैं। मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद एक आईडी व पासवर्ड मिल जाएगा, जिससे जरिए लॉग इन कर अपना रिकॉर्ड सुरक्षित कर सकेंगे।
अब तक करीब 56 हजार आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग आशाओें के जरिए घर-घर जाकर कार्ड बनवा रहा है। जल्द ही समूची आबादी को इससे जोड़ा जाएगा।
- एकता सिंह, मुख्य विकास अधिकारी