बाराबंकी। किराये के भवनों में चलने वाले आयुष अस्पतालों को सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित किया जाएगा। ऐसे करीब 17 अस्पताल चिह्नित किए गए हैं जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। जिलाधिकारी से मिले आदेश के बाद विभाग ने इस दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है।
जिले के जिन 17 आयुष अस्पतालों को शिफ्ट किया जाना है, उनमें शहर और बंकी में चल रहे अस्पताल को जिला महिला अस्पताल में, सत्यप्रेमी नगर के अस्पताल को आयुष्मान आरोग्य मंदिर ओबरी में, हैदरगढ़ के अस्पताल को सीएचसी हैदरगढ़, हसनपुर आयुष अस्पताल को पीएचसी मकनपुर, बिलखिया अस्पताल को सीएचसी रामनगर में, देवा के आयुष अस्पताल को पीएचसी मित्तई, निंदूरा आयुष अस्पताल को पीएचसी टिकैतगंज में शिफ्ट किया जाएगा।
टिकैतनगर के आयुष अस्पताल का सीएचसी टिकैतनगर, शरीफाबाद आयुष अस्पताल को पीएचसी शरीफाबाद, पोखरा के अस्प्ताल को पीएचसी दहिला, जमुआसी के अस्प्ताल को पीएचसी रेंदुआ पल्हरी, उस्मानपुर के अस्पताल को सीएचसी कोठी में शिफ्ट किया जाएगा।
गनेशपुर के आयुष अस्पताल को पीएचसी महादेवा, सुढि़यामऊ के अस्पताल को पीएचसी सुढि़यामऊ, खैराबीरू आयुष अस्पताल को सीएचसी परीवां एट शुंभा और खिंझना आयुष अस्पताल को पीएचसी खिंझना में शिफ्ट किया जाएगा। आयुष अस्पतालों के सीएचसी, पीएचसी में शिफ्ट होने के बाद इसका लाभ मरीजों को और बेहतर मिलेगा।
अभी कहां चल रहे ये अस्पताल
नगर, बंकी, सत्यप्रेमीनगर, हैदरगढ़, हसनपुर, बिलखिया, देवा, निंदूरा व टिकैतनगर के आयुष अस्पताल किराये के भवन में चल रहे हैं। इसी प्रकार शरीफाबाद, पोखरा, जमुआसी, उस्मानपुर और गनेशपुर आयुष अस्पताल का संचालन पंचायत भवन में हो रहा है। वहीं सुढि़यामऊ, खैराबीरू और खिंझना आयुष अस्पताल दान के भवन में संचालित हो रहे हैं।
और बेहतर इलाज मिलेगा
जिले में किराये के भवन, पंचायत भवन व अन्य स्थानों पर संचालित होने वाले आयुष अस्पतालों को सीएचसी पीएचसी पर संचालित किया जाएगा। इससे इन अस्पतालों में आने वाले मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसके निर्देश सीएमओ को दे दिए गए हैं।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी