रेठ नदी में अमरून फैक्ट्री द्वारा गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी प्रदूषित हो गई है। मंगलवार को एसडीएम व सीओ टीम के साथ जांच करने पहुंचे। नदी के किनारे पहुंचते ही उठ रही दुर्गंध के कारण एसडीएम ने मुंह पर हाथ रख लिया और सीओ ने तत्काल मास्क पहन लिया।
नदी से पानी का सैंपल ले लिया गया है। एसडीएम ने बताया कि फैक्ट्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। एक सप्ताह पूर्व भाकियू की सावित्री सिंह व नसीर लाल ने रेठ नदी में अमरून फैक्ट्री से छोड़े जा रहे गंदे पानी पर रोक लगाने, अमरून फैक्ट्री में अनियमितता की जांच की मांग को लेकर चार दिन तक धरना प्रदर्शन किया था।
इस पर एसडीएम पूर्णिमा सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। मंगलवार को फतेहपुर तहसील की एसडीएम पूर्णिमा सिंह, सीओ राजेश यादव व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी रेठ नदी का निरीक्षण करने पहुंचे।
एसडीएम ने नदी किनारे पहुंचने पर दुर्गंध के कारण नाक पर हाथ रख लिया। सीओ ने भी तुरंत मास्क चढ़ा लिया। इस पर भाकियू की राष्ट्रीय अध्यक्ष सावित्री सिंह ने एसडीएम से कहा कि एक अधिकारी ने तो रेठ नदी का पानी स्वच्छ होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी, फिर आप नाक पर हाथ क्यों रखी हैं।
इस दौरान जांच टीम को ग्रामीणों की खरी खोटी भी सुननी पड़ी। एसडीएम कुछ नहीं बोली और टीम को पानी का सैंपल भर जांच करने के आदेश दिए। ग्रामीण कमलेश यादव, बब्लू, शान मोहम्मद, उमर शैफ आदि ने बताया कि नलों से भी जो पानी निकलता है, वह भी लाल हो जाता है। एसडीएम ने बताया कि नदी का पानी दूषित किया जा रहा है।