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9 राइस मिल संचालकों को नोटिस

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बाराबंकी। जिलाधिकारी के आदेश पर हुई 61 राइस मिलों की जांच में कई गड़बड़ियां पाई गई है। जानकारी होने के बाद भी दो मिल बंद कर उनके मालिक लापता हो गए। जांच में सहयोग न करने पर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कई राइस मिलों पर अभिलेख न मिलने, स्टाक अधिक पाए जाने को भी गंभीरता से लिया है। ऐसे नौ राइस मिल संचालको को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
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सरकारी केंद्रों पर खरीदे गए धान की कुटाई के लिए जिले की 61 राइस मिलों को संबंद्ध किया गया है। धान में टूटन समेत कई प्रकार की खामियां बताकर मिल संचालक क्रय केंद्रों से उठान नहीं कर रहे हैं। मिल संचालकों की मनमानी का धान खरीद पर विपरीत असर पड़ने लगा था। क्रय केंद्रों से धान की उठान न होने की वजह से भंडारण की समस्या हो गई। खरीद प्रभावित होने पर किसान आंदोलन करने पर उतर आए थे। इस पर जिलाधिकारी ने संबंद्ध की गई मिलों की जांच कराने के लिए 61 अधिकारियों की टीम लगाते हुए उनकी जवाबदेही तय कर दी। टीमों ने जांच की तो कई मिलों में गड़बडियां मिलीं। टीमों ने अपनी जांच रिपोर्ट जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी को भेज दी। डीएम से मिली अनुमति के बाद ऐसे नौ राइस मिल मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जांच में भिटरिया स्थित आरपी राइस मिल पर खरीदे गए धान का कोई विवरण मौजूद नहीं था। मिल के बाहर कई खाली गाड़ियां खड़ी मिलीं। महालक्ष्मी राइस मिल पर डिस्पैच रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला। टिकैतनगर स्थित प्रेम राइस मिल में स्टॉक से अधिक धान और चावल पाया गया। दरियाबाद स्थित जंबोदीप राइस मिल तथा बुढ़वल स्थित कुरैशी राइस मिली बंद मिली। फतेहपुर स्थित रवि एडिबेल पर जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर नहीं पाया गया। मिल संचालक अभिलेख भी नहीं दिखा सका। हैदरगढ़ स्थित बाजपेयी राइस मिल, मार्डन राइस मिल संचालक भी अभिलेख नहीं दिखा पाए। वहीं सिद्धौर स्थित गायत्री राइस मिल पर जांच अधिकारी को कोई अभिलेख नहीं दिखाए गए। शहर स्थित उदय राइस मिल पर खरीदे गए धान का कोई विवरण मौजूद नहीं था।
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