बाराबंकी। जिला महिला अस्पताल रेडियोलॉजिस्ट और बेहोशी के डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। इससे प्रसूताओं को इलाज की बेहतर सुविधा न मिल पाने से परेशानी उठाना पड़ रही है। अक्सर हालात बिगड़ जाने पर प्रसूताओं को दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ रहा है।
जिला महिला अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टरों के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक भी चिकित्सक की तैनात नहीं है। अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 सिजेरियन होते हैं। फिलहाल यह कार्य संबद्ध डॉक्टरों के भरोसे पर हो रहा है। वर्तमान में अस्पताल में एक डिप्लोमा प्राप्त और दो संबद्ध बेहोशी के चिकित्सक कार्य कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में शासन को कई बार पत्र भेजे गए हैं लेकिन स्थायी चिकित्सकों क तैनाती को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया दिया जा रहा है।
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद भी पिछले तीन साल से खाली पड़ा है। पहले इस पद पर तैनात डॉक्टर प्रदीप को अस्पताल का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बना दिया गया था। प्रतिदिन 90 से 100 प्रसूताओं का अल्ट्रासाउंड होता है, जो प्रशिक्षुओं के भरोसे चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप ने बताया कि वह विभागीय काम से पहले मरीजों के अल्ट्रासाउंड करते हैं।