बाराबंकी। टिकैतनगर के सरायबरई गांव के बाहर बृहस्पतिवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने जिले की लाइसेंसिंग और निरीक्षण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों की मनमानी देखिए कि घटना के बाद डीएम ने जिले के सभी लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों की जांच के निर्देश दिए, लेकिन अधिकारी केवल आदेशों को आगे बढ़ाते रहे और ‘सब ठीक है’ की रिपोर्टें लगा दी गईं।
जिले में आतिशबाजी के 39 लाइसेंसधारी हैं। नियमानुसार, इनका हर साल नवीनीकरण, सत्यापन, सुरक्षा मानकों की जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। जहां आतिशबाजी का निर्माण या बिक्री होती है, वहां मजदूरों के लिए सुरक्षा किट, अग्निशमन यंत्र, अलग कार्य क्षेत्र और सुरक्षित भंडारण जैसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए।
फायर ब्रिगेड, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी है कि ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए। लेकिन टिकैतनगर की घटना ने साफ कर दिया कि यह पूरी व्यवस्था केवल कागजों में ही सिमटी रही। घटना के बाद जब डीएम ने जिले भर में सत्यापन के आदेश दिए, तो यह आदेश डीएम से एसडीएम, एसडीएम से तहसीलदार, तहसीलदार से नायब तहसीलदार और नायब तहसीलदार से लेखपालों तक पहुंचा। अधिकतर लेखपालों ने बिना मौके पर जाए ही सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर दी। पुलिस कुछ स्थानों पर जरूर गई, लेकिन उसने भी सिर्फ अपनी अन्य सुरक्षा व्यवस्था की औपचारिक जांच कर खानापूर्ति की और लौट आई।
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घटनास्थल की सघन पड़ताल, सुतली बम कराए नष्ट
टिकैतनगर। सराय बरई की पटाखा फैक्टरी में बृहस्पतिवार को हुए भीषण विस्फोट के दूसरे दिन शुक्रवार को भी पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर जांच में जुटी रही। सीओ जटाशंकर मिश्र और कोतवाल जगदीश प्रसाद शुक्ला पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। बारीकी से छानबीन की। मलबे से बरामद सैकड़ों सुतली बम नष्ट कराए गए। पुलिस को मलबे में इंजन, बैटरी, सोलर पैनल, घरेलू बर्तन सहित कई उपकरण शामिल हैं, मिले। इन्हें कब्जे में लेकर जांच में शामिल किया गया है। तैयार पटाखों को भी पुलिस ने नियंत्रित तरीके से नष्ट कराया। सीओ ने बताया कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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सिविल अस्पताल पहुंचे मंत्री, लिया हाल
हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। सभी का इलाज लखनऊ के सिविल अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने लखनऊ के सिविल झुलसे लोगों से मुलाकात कर अस्पताल प्रशासन को इलाज में लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए।