मोदी सरकार ने गैस उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी दिए जाने की कवायद की। उपभोक्ताओं के गैस सिलेंडर लेने के पहले पूरा पैसा अदा किए जाने के बाद खाते में सब्सिडी भेजी भी गई लेकिन पिछले तीन माह से जनपद के करीब नौ हजार गैस उपभोक्ताओं के खाते में अनुदान नहीं आने से वह परेेेशान हैं। वह गैस एजेंसी व बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। करीब पांच सौ लोगों ने सब्सिडी के लिए एजेंसियों में प्रार्थना पत्र भी दे रखा है।
जनपद में स्थित चालीस गैस एजेंसियों से करीब 1.96 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। केंद्र में सत्ता बदल के साथ आई नरेंद्र मोदी की सरकार ने गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने और पात्रों को सब्सिडी का लाभ दिए जाने के वादे के साथ उनके खाता में सीधे सब्सिडी दिए जाने का वादा किया। इस पर अमल भी किया गया।
गैस सब्सिडी उपभोक्ताओं के खाते में भेजी जाने लगी। जिस पर उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के दौरान एजेंसी का पूरा पैसा देते। बाद में उनके खाते में पैसा वापस हो जाता। लेकिन पिछले करीब तीन माह से जनपद में 9250 लोगों के खाते में पैसा नहीं जा रहा है। जिससे वह परेशान हैं। यह उपभोक्ता गैस एजेंसियों व बैंक के चक्कर लगा रहे हैं।