बाराबंकी। पढ़ाई सिर्फ किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि खेल-खेल में गढ़ी जाती है। सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मोहरिया में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। यहां की शिक्षिका निधि राज के जज्बे ने स्कूल की दीवारें ही नहीं, बच्चों का भविष्य भी निखार दिया है। नौनिहाल अब न सिर्फ पढ़ रहे हैं, बल्कि मुस्कुराते हुए अपनी कल्पनाशक्ति को नई उड़ान भी भर रहे हैं।
शिक्षिका निधि राज ने अपने अनोखे प्रयास से स्कूल के एक कमरे को आनंद की पाठशाला में बदल दिया है। उन्होंने अपने स्तर से पहल करते हुए बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेलकूद, चित्रकला और रंग-बिरंगे कॉस्ट्यूम जैसे संसाधन जुटाए हैं। अब बच्चे पढ़ाई से फुर्सत मिलते ही यहां अपनी मनपसंद गतिविधियों में रम जाते हैं। कोई चित्रों में रंग भरता है, तो कोई रंग-बिरंगी पोशाकें पहनकर अपनी प्रतिभा निखारता है। इस नवाचार से स्कूल में छात्र संख्या 43 से बढ़कर 65 हो गई है।
शिक्षिका का मानना है कि अगर विद्यालय को बच्चों के लिए बोझ नहीं, बल्कि खुशी का केंद्र बनाना है, तो उनकी रुचि का ध्यान रखना ही होगा। खेलकूद और रचनात्मकता से बच्चों में अनुशासन, आपसी सहयोग, आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। विद्यालय के कमरे में न सिर्फ इंडोर गेम्स की व्यवस्था की गई है, बल्कि बच्चों की कल्पनाशीलता को विस्तार देने के लिए रंग-बिरंगे कॉस्ट्यूम भी उपलब्ध कराए गए हैं। (संवाद)