बाराबंकी। पूर्वोत्तर रेलवे ने जिले को सौगात देते हुए गोंडा-बुढ़वल रेल सेक्शन पर तीसरी लाइन के कमीशनिंग (चालू करने) कार्य की तारीख बृहस्पतिवार शाम को तय कर दी है। 2 से 5 दिसंबर तक चलने वाले इस मेगा ब्लॉक के बाद 11 किलोमीटर लंबा नया रेल ट्रैक और सरयू नदी पर रेलवे का नया पुल शुरू हो जाएगा। पहली बार बाराबंकी में तीन रेल लाइनों पर ट्रेनें दौड़ेंगी। इससे जिले की रेलवे संचालन क्षमता 30 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी, जिससे भविष्य में नई एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनों के संचालन की राह आसान होगी।
इस बहुउपयोगी परियोजना का सबसे बड़ा लाभ बाराबंकी और आसपास के यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि यह स्टेशन सभी गाड़ियों के क्रॉसिंग, डायवर्जन और समय पालन का मुख्य केंद्र है। रेल संरक्षा आयुक्त 5 दिसंबर को साइट निरीक्षण करेंगे। इसके बाद तीसरी लाइन औपचारिक रूप से चालू होते ही बाराबंकी मंडल में ट्रेनों की गति, समय पालन और मालगाड़ियों के प्रवाह में सुधार देखने को मिलेगा। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बाराबंकी जंक्शन से गुजरने वाली रोजाना लगभग 140 से अधिक ट्रेनों को राहत मिलेगी। क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। अयोध्या धाम, लखनऊ, गोंडा और गोरखपुर रूट की ट्रेनों का समय पालन मजबूत होगा। मालगाड़ियों का प्रवाह बढ़ने से औद्योगिक परिवहन को भी लाभ मिलेगा।
असर: गोंडा की बजाय अयोध्या से जाएंगी ट्रेंनें
कमीशिनिंग को लेकर दो से पांच दिसंबर के बीच गाड़ी संख्या 12512 तिरुवनंतपुरम–गोरखपुर, 15212 अमृतसर-दरभंगा, 12598 सीएसएमटी–गोरखपुर, 15532 अमृतसर–सहरसा, 15652 जम्मूतवी–गुवाहाटी, 06529 बेंगलुरू–गोमतीनगर, 15065 गोरखपुर–पनवेल, 15707 कटिहार–अमृतसर, 15066 पनवेल–गोरखपुर को डायवर्ट कर बाराबंकी से गोंडा की बजाय अयोध्या कैंट-मनकापुर के रास्ते चलेंगी। चार दिसंबर को 55091 गोंडा-सीतापुर सिटी व पांच दिसंबर 55092 सीतापुर सिटी–गोंडा ट्रेनें रद्द रहेंगी। गुवाहाटी-जम्मूतवी, लखनऊ-बरौनी, लखनऊ-गोरखपुर, दरभंगा-नई दिल्ली, जम्मूतवी-भागलपुर समेत कई ट्रेनों को 30–105 मिनट तक पुनर्निर्धारित या नियंत्रित किया गया है।