प्रसूताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने मैटरनिटी वार्ड के संचालन की कवायद तेज कर दी है। जिले की नोडल अधिकारी अनीता भटनागर जैन के निर्देश पर डीएम अखिलेश तिवारी व सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र ने शासन को पत्र लिखा है। नए भवन के शुरू होने पर प्रसूताओं को रेफर नहीं करना पड़ेगा और 24 घंटे ऑपरेशन की सुविधा भी मुहैया होगी।
जिला महिला अस्पताल में बने आधुनिक मैटरनिटी वार्ड का लाभ प्रसूताओं को जल्द मिलने की कवायद तेज हो गई है। जिले की नोडल अधिकारी अनीता भटनागर जैन के निर्देश पर ये प्रक्रिया और तेज हो गई है। शासन को भेजे गए पत्र में नए भवन को शुरू कराने के लिए संसाधन मुहैया कराने की बात कही गई है। 20 करोड़ रुपये की लागत से बने सौ बेड के इस मैटरनिटी वार्ड को संचालित करने के लिए काफी समय से जिला प्रशासन प्रयासरत है।
यहां स्वीकृत पद में एक अधीक्षक, तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ व तीन बाल रोग विशेषज्ञ, तीन एनेस्थीसिया के डॉक्टर, छह ईएमओ, एक पैथॉलाजिस्ट, एक रेडियोलॉजिस्ट मिलाकर 18 चिकित्सकों की तैनाती होनी है। वहीं पैरा मेडिकल स्टाफ में एक नर्सिंग सहायक, चार नर्सिंग सिस्टर, 27 स्टाफ नर्स, छह न्यूट्रोलॉजी ट्रेंड स्टाफ नर्स, छह फार्मासिस्ट, दो एलटी और दो एक्स-रे टेक्नीशियन, दो ओटी टेक्नीशियन, दो कनिष्ठ सहायक व एक प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती होने के बाद क्रिटिकल केस में प्रसूताओं को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि, मैटरनिटी वार्ड का संचालन शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले की नोडल अधिकारी के आदेश के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को हाल ही में रिमांइडर भेजा गया है। जल्द ही प्रसूताओं को इसका लाभ मिलने लगा।