बाराबंकी। आयुष्मान भव अभियान के तहत पात्रों के आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। अफसर फरमान तो जारी करते हैं परंतु मातहत अनुपालन में लापरवाही बरत रहे हैं। हेल्थ वेलनेस सेंटर हो या पंचायत भवन हर जगह एक जैसा हाल है। शनिवार को ज्यादातर हेल्थ वेलनेस सेंटर बंद मिले थे। अभियान को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने रविवार को आदेश जारी किया था कि सभी 1,163 पंचायत भवनों पर शिविर लगाकर लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।
सीडीओ के आदेश का कितना अनुपालन हो रहा है, सोमवार को अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की। करीब दो दर्जन पंचायत भवनों की जांच की गई। दरियाबाद के उटवा पंचायत भवन पर 10.40 बजे ताला लगा मिला। टेसवा, गुलरिहा, मौथरी, टेरा में साइड न चलने की कारण काम नहीं हो रहा था। सदरुद्दीनपुर में पंचायत सहायक चंद्रकेश ने बताया कि इंटरनेट धीमा चल रहा है। मसौली में हंसराज ने बताया कि अब तक 19 लोगों के कार्ड बनाए गए हैं। जबकि बड़नपुर में नेटवर्क के चलते कार्य नहीं हो रहा था। गुलचप्पा पंचायत भवन पर 11.15 पर ताला लगा मिला।
बिशुनपुर में मौजूद पंचायत सहायक अंकिता ने बताया कि नेटवर्क की वजह से काम धीमी गति से हो रहा है। जादवपुर पंचायत भवन 11.30 पर बंद मिला। रहरामऊ में मौजूद चांदनी ने बताया कि अब तक चार कार्ड बनाए हैं। सादुल्लापुर में मौजूद अनीता ने बताया कि कंप्यूटर आदि सामान चोरी होने के कारण काम नहीं हो रहा है। बांसा में शिखा ने तीन, त्रिलोकपुर में आफरीन ने पांच कार्ड बनाए थे जबकि चंदौली में मौजूद शिवकुमार ने बताया कि नेटवर्क की वजह से काम धीमा है। इसके अलावा बुढ़ानापुर में कार्ड नहीं बन रहे थे मोहब्बतपुर में नेटवर्क बाधित था। असदामऊ में बिजली का कनेक्शन नहीं था। सिपाहिया और करौंदा में पंचायत सहायक मौजूद नहीं मिले। जबकि गोपालपुर में मौजूदा शिवानी ने बताया कि नेटवर्क की समस्या सबसे बाधा है।
बाक्स जहां पर भी पंचायत भवन बंद पाए गए हैं उसकी जांच डीपीआरओ से कराकर कार्रवाई की जाएगी। सभी आशा एएनएम और कोटेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वह लोगों के घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य करें इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- एकता सिंह, सीडीओ