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Barabanki News: न ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चले, न ही मिले वेंटिलेटर

Wed, 12 Apr 2023 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। कोविड जैसी महामारी के बढ़ते केस और उससे निपटने के लिए सरकारी इंतजामों को परखने के लिए एक साथ हुई मॉकड्रिल में बाराबंकी का स्वास्थ्य महकमा फेल साबित हुआ। प्रमुख सचिव के सामने न तो ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर ही चले और न ही एक भी वेंटिलेटर लगा मिला। यही नहीं एक माह से भर्ती मरीजों को खाना तक नहीं मिल रहा था। सिरौलीगौसपुर अस्पताल पहुंचे गुस्साए प्रमुख सचिव ने फोन पर और सामने अफसरों को जमकर लताड़ लगाई। कहा कि एक सप्ताह में सिरौलीगौसपुर अस्पताल के हालात सुधारें। जिले में मंगलवार को कोरोना से निपटने के लिए सात अस्पतालों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया था। इसमें सबसे खराब स्थिति 100 बेड के अस्पताल सिरौलीगौसपुर में देखने को मिली, वह भी तब जब यहां प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा खुद मौजूद रहे। यहां पर मॉकड्रिल के दौरान तैयारियां देखने वे अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने वहां रखे ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर को चलाने के लिए कहा। कर्मचारी भरसक प्रयास के बावजूद इसे चला नहीं सके। इसी बीच प्रमुख सचिव ने कहा कि वेंटिलेटर कहां हैं तो सीएमएस जवाब नहीं दे पाईं। अस्पताल में निरीक्षण किया तो पता चला कि एक माह से मरीजों के लिए खाना ही नहीं बना। गुस्साए प्रमुख सचिव ने सीएमएस से कहा कि एमडी से बात कराओ। उनके पास नंबर नहीं था। नंबर उपलब्ध कराया तो बात हुई। प्रमुख सचिव ने कहा कि एक सप्ताह में यहां की हालत में सुधार हो जाना चाहिए और भेजे गए वेंटिलेटर ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर से लेकर सभी सुविधाएं दुरुस्त होनी चाहिए। इस दौरान सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमएस डॉ. नीलम गुप्ता, एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह आदि मौजूद रहे।
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साहब मेरे बेटे को कोरोना हो गया है, उससे सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है किसी तरह से उसकी जान बचा लीजिए! सिद्धौर निवासी पीड़ित मुकेश के पिता रामसागर सीएचसी पर मौजूद चिकित्सकों से गुहार लगा रहे थे। मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने आनन-फानन मरीज को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया और कहा कि परेशान होने की जरूरत नहीं है, सब ठीक हो जाएगा। यह मॉक ड्रिल का हिस्सा था जिसमें तैयारियों को परखा गया। एसीएमओ डॉ. केएनएम त्रिपाठी और नासिर कमाल की देखरेख में सीएचसी सिद्धौर पर आयोजित मॉकड्रिल हुई। इसी प्रकार सीएचसी फतेहपुर, त्रिवेदीगंज, बड़ागांव और हिंद अस्पताल में भी मॉकड्रिल का आयोजन कर तैयारियाें को परखा गया। इस दौरान अधिकारियों को जो खामियां मिलीं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।


मॉकड्रिल के नोडल अधिकारी डॉ. उपांत राव के साथ डॉ. आफताब और नितिन खन्ना अपनी टीम के साथ मेयो अस्पताल पहुंचे। यहां लगे ऑक्सीजन प्लांट को चलवा कर देखा। जिस पर कर्मचारियों को बुलाकर ऑक्सीजन प्लांट को चलाकर दिखाया गया। इसके बाद टीम ने परिसर का निरीक्षण कोरोना से निपटने को लेकर की गई तैयारियों और संसाधनों के साथ ही दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।
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