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Barabanki News: लापरवाही बनी चैम्पियन, उपकरण बने कबाड़, जंगल में बदले स्टेडियम

Wed, 29 Oct 2025 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। दस साल पहले ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए देवा, मसौली और त्रिवेदीगंज क्षेत्र में तब 38-38 लाख रुपये की लागत से तीन मिनी स्टेडियम बनवाए गए थे। जो धीरे-धीरे जंगल व खंडहर में तब्दील हो गए। इन तीनों स्टेडियमों में खेलकर कोई भी युवा जिला स्तर तक भी नहीं पहुंच सका। अब यहां जिम्मेदारी गायब है और लापरवाही चैम्पियन बन गई है। तीनों स्टेडियमों की तस्वीरें बताती हैं कि योजनाएं बनी धन खर्च हुआ, लेकिन जिम्मेदारी गायब हो गई। पेश है बदहाली से भरे इन स्टेडियमों का लाइव पड़ताल:
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देवा स्टेडियम: मैदान में झाड़ियां, सामान गायब
देवा ब्लॉक के बैसुवा गांव में स्टेडियम पहुंचने पर टूटी बाउंड्री व झाड़ियों ने स्वागत किया। मैदान में हर तरफ कांटे और कूड़ा मिला। धनुष-बाण, टेबल टेनिस, हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन, हैंडबॉल सभी के पोल टूटे मिले। जिमनास्टिक के उपकरण कबाड़ बन चुके हैं। जबकि वेटलिफ्टिंग का सामान ही गायब हो गया है। पूरा मैदान जंगल में तब्दील हो चुका है। बताया गया कि 30 लाख से मरम्मत का काम तीन महीने से चल रहा है, लेकिन गुणवत्ता का अता-पता नहीं है।

फोटो: 17
त्रिवेदीगंज स्टेडियम: खेल का नामोनिशान नहीं, टूटी पड़ी सामग्री
त्रिवेदीगंज ब्लॉक के मंगलपुरवा मिनी स्टेडियम का हाल चौंकाने वाला है। कुछ दिन पूर्व यहां रंगाई-पुताई कराई गई, लेकिन वह भी अब धूल में दबी है। टीन की छत जर्जर, शीशे गायब और इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा है। मैदान में झाड़ियां हैं और टूटी सामग्री बिखरी पड़ी है। मवेशियों की आवाजाही ने खेल का नामोनिशान मिटा दिया है। पास में ही मिले दो चरवाहों ने बताया कि यहां कोई खेलने तो दूर टहलने तक नहीं आता।
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मसौली स्टेडियम: मुख्य गेट ही टूटा पड़ा, मशीनें हुई बेकार
मसौली ब्लॉक के बड़ागांव मिनी स्टेडियम पहुंचने पर मुख्य गेट ही टूटा मिला। दीवारों से झड़ता प्लास्टर और टूटी खिड़कियां दिखाई दीं। मैदान में झाड़ियां उगी हैं। अंदर जाने पर दिखा कि व्यायाम करने वाली मशीनें व अन्य उपकरण कबाड़ में बदल चुके हैं। वर्तमान में यहां भी रंगाई व पुताई के साथ मरम्मत का काम चल रहा है। मगर कोई निगरानी करने वाला नहीं मिला।
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