शासन ने सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को अब नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग(एनसीवीटी) के अधीन करने जा रही है। इससे आईटीआई छात्रों के लिए रोजगार के अवसर और अधिक बढ़ जाएंगे। जनपद में तीन राजकीय कॉलेजों में फतेहपुर व बड़ागांव स्थित आईटीआई कॉलेज में एससीवीटी केे तहत ही संचालित हो रहे हैं। जबकि आईटीआई जहांगीराबाद में कई ट्रेडों में एनसीवीटी के ही सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के 12 आईटीआई कॉलेज भी एनसीवीटी के तहत ही संचालित हो रहे हैं।
जनपद में तीन राजकीय आईटीआई हैं। यह आईटीआई जहांगीराबाद, फतेहपुर व बड़ागांव में संचालित हो रहे हैं। इसमें से फतेहपुर व बड़ागांव की आईटीआई स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल के तहत संचालित हो रहे हैं। इन दोनों कॉलेजों में 413-413 छात्र-छात्राएं पढ़ रही हैं। जबकि जहांगीराबाद आईटीआई मेें संचालित रेफ्रिजेशन एंड एयर कंडीशन व इलेक्ट्रिशियन कोर्स में एससीवीटी प्रमाण पत्र दिया जाता है। अन्य कोर्स के लिए एनसीवीटी सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। यहां पर 300 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। सरकारी कालेजों में कुल 1126 छात्र हैं। जनपद में निजी क्षेत्र में 12 आईटीआई कॉलेज हैं। इन सभी कॉलेजों में एनसीवीटी के प्रमाण पत्र ही छात्रों को दिए जाते हैं। इन सभी कॉलेजों में करीब 1500 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रही हैं।
स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) की मान्यता स्टेट या स्टेट लेबल की नौकरियों तक ही सीमित है। प्रदेश के बाहर व रेलवे आदि सेवाओं में इस प्रमाण पत्र का कोई महत्व नहीं है। लेकिन अब सभी आईटीआई कॉलेज एनसीवीटी के तहत संचालित होने पर प्रमाण पत्र का महत्व बढ़ जाएगा। जिससे छात्रों को नौकरियों में आवेदन के अवसर भी बढ़ेंगे।