बाराबंकी। शहर में रूट निर्धारित किए जाने व संचालन रोकने के विरोध में सोमवार को ई रिक्शा चालक सड़क पर उतर आए। कई ई-रिक्शा रोककर सवारियों को जबरन उतरवाया गया। ऐसे में हाईवे पर जिला अस्पताल के निकट जाम लग गई। मरीजों को ले जा रहीं एंबुलेंस भी काफी देर तक फंसी रहीं। कोतवाल ने लाठियां फटकार कर जाम खुलवाया। बाद में ई-रिक्शा चालकों की समस्याएं सुनीं गईं और मंगलवार को तहसील कार्यालय में बैठक बुलाई गई है।
नगर पालिका, ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग ने ई- रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारित किया था। साथ ही शहर के दस से 12 किमी दायरे में पंजीकृत ई -रिक्शा के अलावा अन्य का संचालन रोका जाना था। इसके विरोध में सोमवार दोपहर ई रिक्शा चालक जीआईसी मैदान पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पटेल चौराहा व नाका सतरिख की ओर से आने वाले तमाम ई रिक्शा रोक कर सवारियां उतरवाई गईं।
मौके पर पहुंचे टीआई नन्हे यादव व अन्य ने रिक्शा चालकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस दौरान जिला अस्पताल के निकट वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के चलते दो एंबुलेंस भी काफी देर तक फंसी रहीं। कोतवाल संजय मौर्य ने मौके पर पहुंचकर लाठियां फटकारी तो ई रिक्शा चालक भाग खड़े हुए और जाम खुलवाकर यातायात बहाल किया गया।
इसके बाद ईओ पवन कुमार, कर निरीक्षक ज्ञान चंद्र, कमलेश कुमार चौबे, ट्रैफिक व कोतवाली पुलिस ने ई -रिक्शा चालकों से वार्ता की, जिसमें उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के ई -रिक्शा भी शहर में संचालित करने की मांग की। मंगलवार को तहसील में एसडीएम की मौजूदगी में ई रिक्शा चालकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक होगी।
शहर में 850 को अनुमति, चल रहे 1300 ई-रिक्शा
नगर पालिका नवाबगंज के ईओ पवन कुमार के मुताबिक शहर में करीब 850 ई रिक्शा संचालन की अनुमति है, लेकिन यहां 1300 से अधिक ई रिक्शा चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के कई चालक शहर में आकर काम कर रहे हैं। एआरटीओ अंकिता शुक्ला ने बताया कि जिले में करीब चार हजार ई -रिक्शा पंजीकृत हैं। चालकों की समस्याओं का बैठक में समाधान किया जाएगा।