देवा (बाराबंकी)। नगर पंचायत देवा में नजूल की जमीन पर अवैध अतिक्रमण व निर्माण करने वालों की अब खैर नहीं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद हरकत में आए राजस्व विभाग व नगर पंचायत प्रशासन की संयुक्त टीम ने नजूल की जमीन चिह्नित उस पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा कस्बे में कुछ अन्य सरकारी जमीनों को चिह्नित कर उनकी पैमाइश की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
आदर्श नगर पंचायत देवा का गठन 1954 में हुआ था। पूरी नगर पंचायत का अधिकांश हिस्सा गाटा संख्या 1340 पर बसा है। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक कस्बे में कुल 42 बीघा जमीन नजूल (सरकारी) है, जिस पर बड़ी संख्या में लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व विभाग व नगर पंचायत प्रशासन की टीम बीते 10 दिनों से सक्रिय है। यह टीम कस्बे में मौजूद 42 बीघा नजूल की जमीन को चिह्नित कर रही है।
नगर पंचायत देवा के अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि अब तक करीब 30 बीघा नजूल की जमीन को चिह्नित किया गया है। बाकी की भूमि को चिह्नित करने के लिए नजूल ऑफिस से नजूल लैंड का नक्शा मांगा गया है। पूरी नजूल भूमि को चिह्नित कर उन्हें खाली कराने के लिए नोटिस जारी की जाएगी।
ईओ को संपत्तियों का विवरण जुटाने के निर्देश
डीएम ने अब नगर पंचायतों में संपत्ति पंजिका तैयार करने के संबंध में निर्देश जारी किया है। इसी क्रम में प्रारूप एक में नगर पंचायत की सरकारी भूमि के गाटों की संख्या, उसका क्षेत्रफल, गाटों का सत्यापन व सत्यापन के बाद किन गाटा संख्या पर अतिक्रमण है, उसकी संख्या व क्षेत्रफल की जानकारी एक फॉर्मेट पर मांगी है। इसके साथ ही प्रारूप दो में नगर पंचायत की संपत्तियों के गाटे का विवरण, उसका क्षेत्रफल, अतिक्रमण की गई भूमि का क्षेत्रफल, उस पर स्थायी निर्माण है या अस्थायी निर्माण की जानकारी के साथ ही अतिक्रमण मुक्त के संबंध में की गई कार्रवाई व उसका परिणाम तथा न्यायालय में विचाराधीन वाद आदि के संबंध में जानकारी मांगी गई है। इस संबंध में एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नगर पंचायतों की संपत्तियों का विवरण जुटाने के निर्देश सभी अधिशासी अधिकारियों को दिए गए हैं।