बाराबंकी। चार दिन पहले मसौली थाना क्षेत्र में हुए कलीम हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने शनिवार को कर दिया। कलीम ने दोस्त की बहनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद दोस्त ही उसकी जान का दुश्मन बन गया। बहाने से बुलाया और अपने एक दूसरे साथी के साथ मिलकर कलीम को मार डाला। पुलिस ने दोनों हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त चाकू, कार व तमंचा बरामद किया है।
मसौली थाना क्षेत्र के शहाबपुर गांव के पास बुधवार को नहर पटरी के किनारे युवक का हत्या कर फेंका गया शव बरामद हुआ था। बाद में उसकी शिनाख्त शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पीरबटावन निवासी कलीम अहमद (27) के रूप में हुई थी। शनिवार को एएसपी उत्तरी आशुतोष मिश्र ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसका खुलासा किया।
बताया कि कलीम की दोस्ती मोहल्ले के ही आमिर से थी। दोनों जुआ खेलते थे। इन दिनों आमिर जुए में काफी पैसा हार गया था। आमिर के घर के सामने एक सैलून था। यहीं पर आमिर ने कलीम से अपनी आर्थिक हालत का हवाला देते हुए मदद के नाम पर रुपये मांगे थे। इस पर कलीम ने आमिर से उनकी बहनों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की।
आमिर ने पुलिस को बताया कि इससे उसे कलीम पर काफी गुस्सा आया। उसने पीरबटावन में ही रहने वाले अपने साथी सारिक से मिलकर हत्या की रणनीति बनाई। 31 जनवरी की रात आमिर ने कलीम को बहाने से छाया चौराहे पर बुलाया और वे मसौली की तरफ से गए। इस दौरान सारिक ने पीछे से नॉयलान की डोरी से कलीम का गला कस दिया और आमिर ने चाकू से कई वार किए। इसके बाद आमिर ने कलीम का गला रेत दिया। बाद में शव शहाबपुर पास फेंक दिया था। इस हत्याकांड के खुलासे में मसौली इंस्पेक्टर शिवनरायन सिंह की टीम के साथ सर्विलांस सेल के प्रभारी अंकित त्रिपाठी का भी सहयोग रहा।