बाराबंकी। केंद्र सरकार के आम बजट में इनकम टैक्स स्लैब में मिली छूट से नौकरीपेशा वर्ग को राहत मिली है। सरकार ने हर तबके को कुछ न कुछ देने की कोशिश की है। इस मुद्दे पर महिला, किसान, व्यापारी, उद्यमी और टैक्स के जानकार अधिवक्ताओं के बीच हुई चर्चाओं में जो बात उभर कर सामने आई है, उसमें सबने बजट को सराहा तो है पर जीएसटी और बेरोजगारी दूर करने पर सीधी बात न होने का दर्द भी साफ दिखा। वहीं राजनीतिक दलों ने अपनी मिली जुली प्रतिक्र्रिया दी। सत्ता पक्ष ने जहां बजट को देश के सर्वांगीण विकास वाला बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे चुनावी झुनझुना करार दिया है। सुबह से ही शहर से लेकर गांवों तक टीवी व मोबाइल पर लोग चिपके रहे ताकि बजट की पल-पल की जानकारी मिल सके।
शहर में मध्यम वर्ग परिवार से लेकर गृहणी हो या फिर किसान, वकील और व्यापारी बजट की जानकारी मिलने के बाद आपस की चर्चाओं में मशगूल रहे। इससे मिलने वाले लाभ और हानि की खुलकर चर्चा हुई।
कृषि स्टार्टअप में सरकार सहयोग करेगी, नई शुरुआत और अविष्कारों को बढ़ावा मिलेगा। बागवानी उत्पादन, मोटे अनाज की खेती पर विशेष प्रावधान किए हैं। आधुनिक खेती के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
- रामसरन वर्मा, पद्मश्री व प्रगतिशील किसान
सरकार ने बजट में पारंपरिक खेती की जगह आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती पर बल दिया है, जो मील का पत्थर साबित होगी। पशुपालन, उद्यान व मत्स्य में मिलने वाले सहयोग से युवा भी कृषि क्षेत्र में आगे आएंगे।
- अनिल वर्मा, किसान
ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के कंप्लायंस सरल किए गए हैं। एमएसएमई को दो करोड़ तक के टर्नओवर पर बिना लेखा-जोखा के कर जमा करने की छूट थी, इसे बढ़ाकर तीन करोड़ किया गया है। डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया है।
- प्रमित सिंह, अध्यक्ष आईआईए -
उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है और बजट में भी सरकार की दूरदर्शिता नजर आ रही है। हर वर्ग के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। छोटे एवं मध्यमवर्गीय व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।
- सरदार भूपेंद्र सिंह, राइस मिलर
नए व्यवसाय शुरू करने में मिलेगी मदद
उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष प्रदीप जैन बताते हैं कि छोटे और मंझोले व्यापारियों के लिए एमएसएमई में प्रावधान किए गए हैं, जो संजीवनी देगा। आर्थिक मदद एवं आयकर में छूट से व्यापार में तेजी आएगी, साथ ही रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे। गौरव शर्मा ने कहा कि इ्रंफ्रास्ट्रक्चर और कच्चे माल की उपलब्धता के साथ व्यवसाय शुरू करने में आसानी होगी। हर्ष टंडन, नीरज जायसवाल, अंकित वैश्य ने भी बजट पर चर्चा की।
जीएसटी में मिलनी चाहिए थी राहत
अधिवक्ता हेमंत मिश्रा ने कहा कि टैक्स स्लैब में कई वर्षों बाद बदलाव हुआ है। सात लाख तक आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इससे बड़ा वर्ग लाभांवित होगा। आयकर अधिवक्ता रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि जीएसटी में यथास्थिति बरकरार है, इसमें आ रही कठिनाइयों पर भी व्यापारियों को राहत मिलनी चाहिए थी। अधिवक्ता नवीन जायसवाल, मनोज जैन, रियाज अहमद, सीपी सिंह ने भी अपनी मिली जुली प्रतिक्रियाएं दीं।
युवाओं को बरगलाया
बजट पर चर्चा करते हुए युवा पंकज यादव ने कहा कि में शिक्षा और रोजगार के लिए खास प्रावधान होने चाहिए मगर बजट में ऐसा कुछ नहीं है। भविष्य के सपने दिखाकर बरगलाया जा रहा है। यह बजट आम जनता के लिए नहीं बल्कि चुनावी बजट है। सुशील कुमार गौतम भी बजट से संतुष्ट नहीं नजर आए। कहा कि युवाओं को बजट में कुछ नहीं मिला, बजट में बेरोजगारी पर तो बात ही नहीं की गई। कमरुल हसन व रितेश सिंह ने भी यही युवा वर्ग और रोजगार पर चिंता जाहिर की।
महिला सम्मान पत्र का स्वागत
ज्योति तिवारी ने कहा कि महिला सम्मान बचत पत्र महिलाओं के लिए अच्छा है। इसमें 7.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। इससे महिलाओं को नया आयाम मिलेगा और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। दीपा तिवारी ने कहा कि महिलाओं के लिए यह बजट निराशाजनक ही रहा। सरकार ने बजट की साइकिल चला दी है। किचेन से जुड़ी कोई चीज सस्ती नहीं हुई। महिलाओं की अपेक्षाओं पर बजट खरा नहीं उतरा है।
क्या कहते हैैं राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि
यह बजट पं. दीन दयाल उपाध्याय की अंत्योदय की सोच को साकार कर रहा है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ देने वाला है और 2024 की जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- शशांक कुशमेश, जिलाध्यक्ष भाजपा
सरकार का यह बजट महंगाई और बेरोजगारी को बढ़ाने वाला है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, बेरोजगारों को इस बजट से हमेशा की तरह निराशा मिली है। इसके पीछे सरकार के व्यापारी मित्रों का हाथ है।
- अयाज अहमद, जिलाध्यक्ष सपा
आमजन को कोई राहत नहीं मिली है। गांवों से पलायन रोकने वाली मनरेगा योजना का बजट कम किया। मध्यमवर्ग, किसानों व युवाओं को भी कुछ नहीं मिला। यह बजट सिर्फ चुनावी झुनझुना है।
- मोहसिन, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
बेरोजगारी और महंगाई पर बजट में कोई बात नहीं कही गई है। युवा वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। भविष्य के लिए झूठी उम्मीदें बजट में दिख रही हैं। पूरी तरह से बजट निराशाजनक है।
- प्रमोद गौतम, जिलाध्यक्ष, बसपा