हैदरगढ़ (बाराबंकी)। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर युगलों ने सात फेरे लिए तो दूसरी ओर निकाह कुबूल कर जीवन भर साथ निभाने का वादा किया। मंगलवार को इस अनूठे पलों का साक्षी बना ग्राम्यांचल सभागार, जहां निर्धन परिवारों की 125 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया गया। आशीर्वाद पाकर नव विवाहिताएं अपने जीवन साथी संग ससुराल रवाना हो गईं।
ग्राम्यांचल सभागार में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के आयोजन को लेकर सुबह से ही कन्या व वर पक्ष के लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। शादी के जोड़े मेें सजीं कन्याएं और दूल्हे के रूप में वर एवं उनके परिजन पहुंच गए। धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार इन युगलों का विवाह कराया गया।
इसमें ब्लॉक हैदरगढ़ से 30, नगर पंचायत से चार, सिद्धौर ग्रामीण से 56, नगर पंचायत से चार व त्रिवेदीगंज से 31 जोड़े विवाह के लिए पहुंचे। 121 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति से गायत्री परिवार ने मंत्रोच्चार व मंगलगीत के साथ कराया। चार जोड़ों का मुस्लिम परंपरा से मौलवी ने निकाह कराया।
इस दौरान मौके पर विधायक दिनेश रावत ने कहा कि सरकार ने बेटी के विवाह में सहायता करके गरीब परिवार की चिंता को कम किया है। इस मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सुमित आर महाजन, जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह, खंड विकास अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव, भाजपा मंडल अध्यक्ष केके सिंह, संतोष श्रीवास्तव, गायत्री परिवार की मिथलेश श्रीवास्तव, किरन त्रिवेदी, जनार्दन शास्त्री आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक वधू के खाते में 35 हजार रुपये की चेक और 10 हजार रुपये का सामान पायल, बिछिया, कपड़े आदि उपहार के रूप में दिए गए। छह हजार रुपये भोजन की व्यवस्था में खर्च किए गए। विवाह के दौरान परिवार के कई सदस्यों ने अपनी पुत्री की शादी की वीडियो व फोटो खींचकर यादों के रूप में सहेजा।