बाराबंकी। सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले हर बच्चे को वर्ष 2026 तक पढ़ाई में निपुण बनाना है। 24 जनवरी से 216 डीएलएड प्रशिक्षु एप के माध्यम से कमजोर बच्चों की सूची बनाएंगे। इनको निपुण बनाने के लिए विशेष रूप से प्रयास किया जाएगा।
निपुण भारत योजना के माध्यम से वर्ष 2026 तक प्रत्येक बच्चे को तीसरी कक्षा के अंत तक पढ़ने, लिखने व अंकगणित को सीखने में पूर्ण निपुण बनाने का लक्ष्य है। जिले में बेसिक शिक्षा के 2636 विद्यालयों में करीब चार लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इनमें से करीब एक लाख बच्चे बाल वाटिका व कक्षा एक से तीन में हैं।
डायट प्राचार्च हिफजुर्रहमान ने बच्चों की निपुणता परखने का खाका तैयार किया है। डायट के 216 डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी की गई है। दो-दो प्रशिक्षुओं की टीम बनाकर 10-10 विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं। प्रथम चरण में 24 से 31 जनवरी तक, दूसरे चरण में 20 से 24 फरवरी और तीसरे व अंतिम चरण में 13 मार्च से 17 मार्च तक प्रशिक्षुओं की टीमें विद्यालयों में जाकर बच्चों का आकलन करेंगी। कमजोर बच्चों की सूची अपलोड की जाएगी। जिनको निपुण बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
निपुण नौनिहाल होंगे सम्मानित
डीएलएड प्रशिक्षुओं के आकलन के बाद निपुण बच्चों को सम्मानित भी किया जाएगा। आकलन निपुण भारत मिशन के तहत दिए गए बिंदुओं के आधार पर किया जाएगा।
- हिफाजुर्रहमान, प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
2026 तक निपुण बनाना है
योजना के तहत पहले विद्यार्थी, विद्यालय, ब्लॉक व फिर जिला निपुण घोषित करने का लक्ष्य निधार्रित है। बीईओ, एआरपी व शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। यह शासन की प्राथमिकता में शामिल हैं।
- संतोष देव पांडेय, बीएसए