फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवाहिता की गला दबाकर हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। सरयू नदी के किनारे बसे गोपी का पुरवा मजरे कमियार में एक महिला की पिटाई के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृतका के पिता ने दामाद समेत दो देवर, देवरानी, सास पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू करने के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं घटना के बाद से आरोपी घर छोड़ भाग गए हैं।
विज्ञापन

दरियाबाद थाना क्षेत्र के गोपी का पुरवा निवासी राजेश उर्फ राजू के साथ थाना रामसनेहीघाट के चौरी अलादासपुर निवासी अशोक कुमार ने अपनी बेटी स्वाति तिवारी (29) की शादी वर्ष 2010 में थी। मृतका के पिता का आरोप है कि अपनी हैसियत के मुताबिक सामान भी दिया था, लेकिन बेटी के ससुराल वाले बाइक की मांग कर रहे थे। जिसको लेकर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देते थे। आरोप है कि सोमवार रात स्वाति को दामाद, देवर व देवरानी ने मिलकर लाठी-डंडे से पीटा गया।
यह बात स्वाती ने रोते हुए अपने पिता से फोन पर बताई। बताते हैं कि बेटी की पिटाई की बात सुनकर पिता ने कुछ देर में पहुंचने की बात कही तो बेटी ने उन्हें रोक दिया व मंगलवार सुबह आने की बात कहकर फोन काट दिया। कुछ देर बाद जब अशोक ने बेटी को फिर फोन किया तो उसका फोन रिसीव नहीं हुआ। जिस पर पिता समेत घर वाले परेशान होने लगे। इसके बाद स्वाति के घर से थोड़ी दूर पर ही रहने वाली छोटी बेटी वंदना को फोन कर बड़ी बहन के घर जाने को कहा गया।
विज्ञापन

इस पर जब बड़ी बहन के घर वंदना पहुंची, तो स्वाति का शव पड़ा था और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, लेकिन वंदना के पहुंचने के बाद रुक गया और सब भाग निकले। मौके पर केवल सास मौजूद थी, बाकी लोग भाग गए। इसके बाद मृतका के परिजन को सूचना दी। मायके वाले भी मौके पर पहुंचे व पुलिस को सूचना दी गई। इस पर एसआई मनोज कुमार पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तो शव तख्त पर पड़ा मिला। प्रभारी निरीक्षक सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि मृतका के पिता ने हत्या का आरोप लगाया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर मामले में कस दर्ज कर कार्रवाई होगी।
नहीं हो सकी बेटी से मुलाकात
मृतका के पिता अशोक मिश्र ने बताया कि ससुराल वाले बीते चार दिन से बेटी की पिटाई कर रहे थे। प्रताड़ना दी जा रही थी। लॉकडाउन और कोरोना के कारण उसके घर जा नहीं पाया। बेटी रोज फोन पर अपना दर्द बताती, लेकिन यह सोच कर हम रह जाते कि शायद अगले दिन स्थिति सामान्य हो जाए। बेटी की कॉल रिकॉर्डिंग भी चारों दिन की मौजूद है। उसे लाठी डंडे से मारा जाता रहा। छोटी बेटी वंदना को यदि भेज न देता तो बेटी का अंतिम संस्कार तक ससुराल वाले कर देते। अशोक बताते हैं कि सोमवार रात बेटी से मंगलवार सुबह ही पहुंचने का वादा किया था, लेकिन उसकी बेटी की मौत की खबर मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें