बाराबंकी। फर्जी कागजों से एंबुलेंस पंजीकरण के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी व उसके 12 अन्य साथियों की पेशी मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान एंबुलेंस बेचने वाली कंपनी के सीईओ संजय मिश्रा को गवाह के तौर में अदालत में पेश करने से पहले पुलिस ने पूरे न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था खंगाली। सीओ, कोतवाल और पुलिस बल की निगरानी में बुलेट प्रूफ जैकेट पहना कर गवाह को पेश किया गया। जज ने अगली पेशी के लिए 14 मार्च की तारीख तय की है।
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान पेशी पर आने जाने के लिए मुख्तार अंसारी एक एंबुलेंस का प्रयोग करता था। 31 मार्च 2021 को इसका खुलासा हुआ। फिर जांच में पाया गया कि 21 मार्च 2013 को यह एंबुलेंस बाराबंकी के एआरटीओ आफिस में फर्जी दस्तावेज से पंजीकृत कराई गई थी। इसको लेकर मुख्तार अंसारी समेत 13 लोगों पर पहले जालसाजी फिर गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। जालसाजी वाले मामले की सुनवाई एसीजेएम विपिन यादव की अदालत में चल रही है।
इस मामले में कुछ दिन पहले एंबुलेंस बेचने वाली कंपनी के सीईओ लखनऊ निवासी संजय मिश्रा को मुख्तार अंसारी के साथी ने जान से मारने की धमकी दी थी। 10 दिन पहले भी अदालत में उन्हें बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पेश कराया गया था। इसी मामले में मंगलवार को फिर पेशी थी।
दोपहर करीब 1:00 बजे सीओ सिटी जगत कनौजिया, कोतवाल अजय त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ कचहरी पहुंचे। बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाने के बाद सुरक्षा घेरे में गवाह संजय मिश्रा को न्यायालय परिसर में लाया गया। इस दौरान एसीजेएम विपिन यादव के समक्ष मुख्तार अंसारी को बांदा जेल, जफर उर्फ चंदा को संतकबीरनगर जेल व अफरोज उर्फ चुन्नू को गाजीपुर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से माध्यम से पेश किया गया। मुख्तार के वकीलों ने संजय मिश्रा से करीब दो घंटे तक जिरह की। यह जिरह एंबुलेंस की बिक्री आदि को लेकर थी। जिरह के दौरान मुख्तार अंसारी कई बार अपने वकील से भी मुखातिब हुआ। हालांकि वह बेचैन दिखा। न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए इस केस की अगली पेशी के लिए 14 मार्च की तारीख नियत की है।