बाराबंकी। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी व उसके 12 साथियों के खिलाफ गैंगस्टर व जालसाजी के मामलों की सुनवाई बृहस्पतिवार को अलग-अलग अदालतों में हुई। जालसाजी के केस में जहां एक गवाह पेश हुआ वहीं गैंगस्टर में काेई गवाही नहीं हुई। अब अगली सुनवाई एक व आठ फरवरी को होगी।
फर्जी कागजों से एंबुलेंस पंजीकरण कराने के मामले की सुनवाई एसीजेएम विपिन यादव की कोर्ट में हुई। इस दौरान मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से जफर उर्फ चंदा को संत कबीरनगर तथा अफरोज उर्फ चुन्नू को भी गाजीपुर की जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। सुनवाई के दौरान गवाह दयाशंकर उपस्थित हुए। इस दौरान गवाह से वकीलों ने जिरह की। अदालत ने जिरह जारी रखते हुए अगली पेशी की तारीख आठ फरवरी नियत की है।
वहीं, गैंगस्टर मामले की सुनवाई एमपीएमएलए कोर्ट में न्यायाधीश कमल कांत श्रीवास्तव ने की। इस दौरान किसी गवाह के उपस्थित न होने पर पेशी की अगली तिथि एक फरवरी तय की गई है। बता दें कि दो अप्रैल 2021 को बाराबंकी के तत्कालीन एआरटीओ पंकज सिंह ने मऊ के डॉ. अलका राय के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया और चार जुलाई 2021 को पुलिस ने इस मामले में मुख्तार अंसारी, डॉ. अलका राय समेत कई के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद 25 मार्च 2022 को शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी समेत 13 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। इन दोनों मामलों की जिसकी सुनवाई हो रही है।