बाराबंकी। माफिया मुख्तार अंसारी पर दर्ज गैंगस्टर के मामले में शनिवार को जिले की एमपीएमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्तार को बांदा जेल से तो दूसरे आरोपी जफर उर्फ चंदा को गाजीपुर जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। गवाह के रूप में एआरटीओ पंकज कुमार सिंह से बचाव पक्ष की तरफ से जिरह कर उनके बयान दर्ज हुए। जिरह पूरी न हो पाने के कारण विशेष न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख तय की है।
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी द्वारा फर्जी कागजातों से पंजीकृत की गई एंबुलेंस का को लेकर 31 मार्च 2021 को तत्कालीन एआरटीओ बाराबंकी पंकज कुमार सिंह ने मऊ के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका डॉ. अलका राय पर मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें मुख्तार अंसारी को भी आरोपी बनाया गया था। इसी केस के आधार पर शहर कोतवाली में मुख्तार समेत 13 पर गैंगस्टर लगा था। शनिवार को मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से तो दूसरे आरोपी जफर उर्फ चंदा को गाजीपुर जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।
बाकी 11 आरोपियों को लेकर अधिवक्ता की ओर से उनकी हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया। सुनवाई के दौरान एंबुलेंस के पंजीकरण के संबंध में एआरटीओ पंकज कुमार सिंह के बयान दर्ज किए गए। बचाव पक्ष के वकीलों ने एआरटीओ से जिरह की जो पूरी नहीं हो सकी।