बाराबंकी। रेलवे स्टेशन के पास मजार में किशोर के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने मुजावर को 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। डीएनए रिपोर्ट में भी घटना की पुष्टि हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र के निवासी किशोर सौतेली मां से परेशान होकर बालक बाराबंकी भाग आया था। 12 सितंबर 2018 को वह बाराबंकी रेलवे स्टेशन के पास बनी मजार पर रुक गया। मजार पर रहने वाले अहमद अली उसे बहलाकर कमरे में ले गया और पैर दबवाने के बाद 10 रुपये दिए।
फिर उसने 300 रुपये का लालच देकर कहा कि मेरा एक काम मंजूर करो। उसकी मंशा भांप कर किशोर ने मना कर दिया। किशोर ने बयान में कहा कि अहमद अली ने मजार का गेट बंद कर दिया और उसे कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। मामला राजकीय रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में था।
जीआरपी बाराबंकी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुभाष चंद्र तिवारी ने पीड़ित समेत अन्य गवाहों के बयान एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अहमद अली को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।