सिद्धौर / हैदरगढ(बाराबंकी)फरवरी। सांसद आदर्श गांव बुधनई में केवीके ने किसान मेले का आयोजन कर मिट्टी की जांच करा कर उर्वरकों के संतुलित प्रयोग की सलाह दी। किसान मेले में खेती किसानी से जुड़े विभागों ने प्रदर्शनी लगा कर ग्रामीणों को वैज्ञानिक ढंग से खेती के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान सांसद ने पच्चीस किसानों में कीटनाशक आदि का वितरण कर विशेषज्ञों से परामर्श कर खेती करने की अपील की है।
सोमवार को बुधनई गांव में किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले की मुख्य अतिथि सांसद प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि किसान पूरा दिन खेत में अपना पसीना बहा कर देश के लिए अनाज उत्पादन करता है। आजादी के बाद की सरकारों ने किसानों से वादे किए लेकिन उनके विकास के लिए धरातल पर कोई काम नहीं किया गया जिसके चलते किसान परेशान है। किसान मेले में उपनिदेशक कृषि डॉ. एसपी सिंह ने सरकार द्वारा किसानो के लिए चलाई जा रही योजनाओं व अनुदान के बारे में जानकारी दी। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्व विद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ एसपी सिंह ने धान गेहूं के साथ कृषि विवधीकरण योजना के तहत नकदी वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी है। जिला उद्यान अधिकारी जयकरन सिंह ने केले की खेती समेत विभिन्न फसलों पर सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान की जानकारी दी। केवीके के कार्यक्रम समन्वयक एसपी सिंह ने केंद्र पर किसानो को मिल रही सुविधाओ के बारे में बताया। मेले में पशु पालन, मछली पालन, उद्यान विभाग, केवीके, गन्ना विकास परिषद व इंडोगल्फ ने प्रदर्शनी लगा कर किसानों को अत्याधुनिक ढंग से खेती की जानकारी दी है। किसान मेले में सांसद ने गोपी चंद्र, रमाकांत, ऋषि कुमार, मातादीन, पूर्णमासी, सुखमी लाल समेत पच्चीस किसानों में कीट नाशक का वितरण कर लाभांवित किया। आदर्श ग्राम बुधनई के नोडल अधिकारी प्रदीप सिंह, एसडीएम जीपी गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि राजकुमार सिंह, श्रवण शुक्ल, रानी कनौजिया, भगवंत लाल रावत, कामिनी पांडेय आदि मौजूद रहे।
वैज्ञानिकों ने दिए सुझाव
किसान मेले में केवीके के सस्य वैज्ञानिक डॉ जेपी सिंह ने पैड्री ड्रम शीडर से धान की सीधी बुआई कर मजदूरी व अन्य खर्चों में कमी कर उत्पादन बढ़ाने तथा श्री विधि से धान की रोपाई करने की सलाह दी। उन्होने कहा कि श्री विधि से एक हेक्टेयर खेत में मात्र पांच किलो धान का बीज लगता है। डॉ सुरेंद्र सिंह ने पशु पालन प्रबंधन तथा डॉ. निगम ने मत्स्य पालन पर कई आवश्यक जानकारी देकर किसानों को लाभांवित किया है।