गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण के काफिले को रविवार को रामनगर में पुलिस ने रोक लिया। अफरातफरी के बीच अचानक वहां पहुंचे रोहिणी घावरी के समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए सांसद के काफिले पर जूते-चप्पल फेंकना शुरू कर दिए।
गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर को लेकर पुलिस पहले से अलर्ट मोड में थी। रविवार दोपहर करीब 1.00 बजे उनका काफिला रामनगर पहुंचा तो हाईवे पर पुलिस की भारी फोर्स ने बैरिकेडिंग कर काफिले का रास्ता रोक दिया।
इसके बावजूद सांसद ने वापस लौटने से इनकार कर दिया। इसी बीच अचानक कुछ लोग काफिले के सामने पहुंच गए। उन्होंने सांसद को संबोधित करते हुए रोहिणी घावरी को इंसाफ देने के नारे लगाते हुए सांसद के काफिले पर जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। इससे हाईवे पर अफरा-तफरी के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
पुलिस काफी मशक्त के बाद हालात को संभालते हुए सांसद को कड़ी सुरक्षा के बीच डाक बंगले लेकर पहुंची। जहां नाराज सांसद समर्थकों के साथ डाक बंगले के सामने हाईवे किनारे धरने पर बैठ गए। उन्होंने भीम आर्मी कार्यकर्ताओं से बदसलूकी के लिए पुलिसकर्मियों से माफी मांगने की मांग की।
धरने पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि भाजपा सरकार भीम आर्मी से भयभीत है। उन्होंने कहा कि सत्ता पोषित गुंडे प्रदेश में खुलेआम अपराध कर रहे हैं। उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है। गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी की हत्या इसका सीधा प्रमाण है।